‘महासेना’ में हर शॉट से पहले हाथी को जलेबी खिलाते थे अभिनेता विमल, बताया कारण

चेन्नई, 30 नवंबर . जंगलों, रहस्यमय कथाओं और प्रकृति के अद्भुत दृश्य हमेशा से ही दर्शकों को अपनी ओर खींचते रहे हैं. ऐसे में Actor विमल की आने वाली फिल्म ‘महासेना’ दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें एक अलग दुनिया में ले जाएगी. यह फिल्म प्रकृति, आध्यात्म और मानव लालच के बीच के संघर्ष की कहानी है.

फिल्म के निर्देशक धीनेश कालाइसेल्वन ने इसे सिर्फ जंगल की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन की कहानी के रूप में पेश किया है.

Actor विमल ने को दिए इंटरव्यू में बताया कि ‘महासेना’ की शूटिंग मेरे लिए एक खास और रोमांचक अनुभव रहा. उन्होंने कहा, ”फिल्म में हाथी के साथ मेरे कई सीन हैं. शुरुआत में मैं थोड़ा डरा हुआ था. मेरा डर इसलिए भी था, क्योंकि उस समय खबरें आई थीं कि तिरुचेंदूर में एक हाथी ने दो लोगों को मार दिया, लेकिन शूटिंग के दौरान हाथी का मालिक और महावत हमेशा मुझे भरोसा दिलाते रहे.”

विमल ने बताया कि हाथी को जलेबी बहुत पसंद थी, इसलिए हर सीन से पहले वह हाथी को जलेबी खिलाते थे ताकि हाथी उनके साथ दोस्ताना व्यवहार करने लगे.

इस एक्शन थ्रिलर फिल्म का निर्माण मरुधर प्रोडक्शन्स के बैनर के तहत हुआ है. फिल्म की कहानी प्रकृति, जंगल की मिथक कथाओं और आध्यात्मिक तत्वों से गहराई से जुड़ी हुई है. फिल्म में विमल के अलावा श्रुति डांगे, योगी बाबू, महिमा गुप्ता, जॉन विजय, कबीर दुहन सिंह, अल्फ्रेड जोस, इलक्किया और विजय सियोन जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. साथ ही हाथी ‘सेना’ भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

धिनेश कालाइसेल्वन ने बताया कि ‘महासेना’ सिर्फ जंगल की कहानी नहीं है. यह फिल्म विश्वास, शक्ति और इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन के बारे में है. उनका कहना है कि लालच इस दिव्य संतुलन को बिगाड़ता है, जबकि आध्यात्मिकता इसे बहाल कर सकती है.

उन्होंने कहा कि हर फ्रेम में जंगल की भावनाओं और उसकी जीवंतता को दिखाया गया है. जंगल खुद ही इस फिल्म में एक जीवित चरित्र की तरह है.

फिल्म की शूटिंग गुलुर, वायनाड, कोल्लिमलाई और ऊटी के घने जंगलों में की गई है.

पीके/डीकेपी

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