
टोक्यो, 16 जुलाई . जापान की कुल 82 स्थानीय विधानसभाओं ने केंद्र Government या संसद को लिखित प्रस्ताव भेजकर Prime Minister सनाए ताकाइची की Government से जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों को बनाए रखने या उन्हें कानून का रूप देने का आग्रह किया है. स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी.
समाचार एजेंसी क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में ताकाइची Government के सत्ता में आने के बाद से इन सिद्धांतों से संबंधित प्रस्तावों को पांच प्रीफेक्चरल (प्रांतीय) विधानसभाओं, 48 शहरों की विधानसभाओं और 29 कस्बों व वार्ड विधानसभाओं ने पारित किया है. इनमें से किसी भी प्रस्ताव में तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों में संशोधन की मांग नहीं की गई.
क्योडो के हवाले से सिन्हुआ ने बताया कि यह बढ़ोतरी पिछली Governmentों की तुलना में काफी अलग है, जिनके कार्यकाल में या तो ऐसे कोई प्रस्ताव नहीं आए थे या बहुत कम संख्या में आए थे. यह वृद्धि जापान की लंबे समय से चली आ रही गैर-परमाणु नीति में संभावित बदलाव को लेकर जनता की बढ़ती चिंता को दर्शाती है.
जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांत देश में परमाणु हथियार रखने, उनका निर्माण करने या जापानी क्षेत्र में उनके प्रवेश की अनुमति देने पर रोक लगाते हैं. इन्हें 1971 में जापानी संसद ने औपचारिक रूप से अपनाया था और तब से ये देश की परमाणु नीति की आधारशिला बने हुए हैं.
स्थानीय मीडिया ने पहले रिपोर्ट किया था कि ताकाइची Government जापान में परमाणु हथियारों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले सिद्धांत में संशोधन पर विचार कर रही है. इस संभावित कदम ने जापानी समाज के विभिन्न वर्गों में व्यापक चिंता पैदा कर दी है.
इस साल की शुरुआत में हिरोशिमा और नागासाकी शहरों की विधानसभाओं ने भी जापानी Government से तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे.
हिरोशिमा नगर विधानसभा ने जनवरी में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था. इसमें कहा गया था कि सत्तारूढ़ दल द्वारा गैर-परमाणु सिद्धांतों में बदलाव की कोशिशों से चिंता पैदा हुई है. प्रस्ताव में जापानी Government से परमाणु बम हमलों का सामना कर चुके शहरों के लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेने और तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील की गई.
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केआर/