
रांची, 22 दिसंबर . Jharkhand की राजधानी रांची स्थित पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने Monday को गैंगरेप के दो दोषियों को 20–20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
अदालत ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराध समाज पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि कानून का भय बना रहे.
यह मामला सितंबर 2024 का है, जब रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी. पीड़िता की शिकायत के बाद Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
जांच के दौरान यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से छह की उम्र 16 वर्ष से कम थी. इन छह नाबालिग आरोपियों के मामलों की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में अलग से की जा रही है.
वहीं, दो आरोपी ऐसे थे, जिनकी उम्र घटना के समय 16 से 18 वर्ष के बीच पाई गई. इन दोनों के खिलाफ चिल्ड्रेन केस के प्रावधानों के तहत पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में मुकदमा चलाया गया. अदालत ने 19 दिसंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था.
Monday को सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा सुनाई. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मजबूत साक्ष्य, चिकित्सकीय (मेडिकल) रिपोर्ट और गवाहों के विश्वसनीय बयान पेश किए गए, जिन्हें अदालत ने स्वीकार करते हुए दोष सिद्ध माना.
फैसला सुनाते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं न केवल पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा और भय का माहौल भी पैदा करती हैं.
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एसएनसी/एमएस