
Patna, 17 मई . बिहार के पूर्णिया से Lok Sabha सांसद पप्पू यादव ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र और राज्य Governmentों पर जुबानी हमला किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में कथित तौर पर 123 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं और Government एक भी मामले को रोकने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी Government, जो छात्रों के भविष्य की रक्षा नहीं कर सकती, वह देश कैसे चला पाएगी.
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के कारण करीब 1 करोड़ 27 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और उनके परिवारों की उम्मीदों को झटका लगा है. उन्होंने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक नुकसान मध्यम और गरीब वर्ग के छात्रों को उठाना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों को फायदा मिल जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब Government एक परीक्षा को सही तरीके से आयोजित नहीं कर सकती, तो उसकी कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
नीट की तैयारी कर रहे एक छात्र की मौत के मामले पर भी पप्पू यादव ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि छात्रावासों की निगरानी के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए और Government को स्पष्ट दिशानिर्देश लागू करने चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि छात्राओं के हॉस्टल के लिए मानक तय किए जाएं और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, जिसमें अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित हो. उन्होंने यह भी कहा कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर समय-समय पर हॉस्टल की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए, साथ ही cctv और अन्य सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया जाए.
वहीं, सम्राट चौधरी को सीएम बनाने को लेकर Union Minister राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वह पहले ही खुद को भाजपा से अलग बता चुके हैं और नीतीश कुमार के Political उत्तराधिकारी होने की बात कह चुके हैं. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी भाजपा के नहीं, एनडीए के Chief Minister है और इस पर ज्यादा बहस की आवश्यकता नहीं है.
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पीएसके