हॉर्मुज स्ट्रेट में दो टैंकर बारूदी सुरंगों से क्षतिग्रस्त, आईआरजीसी का दावा

तेहरान, 8 नवंबर . ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने Sunday तड़के बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकरा गए, जिससे उनमें आग लग गई.
आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया आउटलेट ‘सिपाह न्यूज’ पर जारी बयान में नौसेना ने कहा कि एक टैंकर जलडमरूमध्य के पूर्व में बारूदी सुरंगों की चपेट में आया, जबकि दूसरा जलमार्ग पार करने के दौरान टकराया.
बयान में आगे कहा गया कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और जीपीएस सिस्टम बंद कर रखे थे और विस्फोटों के बाद उनमें आग लग गई.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करेगा और ईरानी नियमों की अनदेखी करते हुए जलडमरूमध्य के “अनधिकृत” क्षेत्र में प्रवेश करेगा, वह “निश्चित रूप से” समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाएगा.
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सैंटकॉम) ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि ओमान की खाड़ी में उनके बलों ने एक कमर्शियल जहाज को निष्क्रिय कर दिया. जहाज के चालक दल ने “बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और ईरान के खिलाफ लगाए गए नौसैनिक नाकेबंदी का कई बार उल्लंघन करने की कोशिश की.”
अमेरिकी सेना ने बताया कि उसके एक सैन्य विमान ने सेंट किट्स के ध्वज वाले मालवाहक जहाज एम/वी हुडा के पिछले हिस्से को सटीक हथियारों से निशाना बनाया और उसे निष्क्रिय कर दिया. सैन्य कमान (सेंटकॉम) के बलों ने कार्रवाई से पहले चालक दल को लक्षित क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया था. बयान के अनुसार, यह मालवाहक जहाज एक ईरानी बंदरगाह पर जाने के बाद क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था.
सैंटकॉम के अनुसार, जुलाई से अब तक अमेरिकी सेना ने 147 कमर्शियल जहाजों को वापस लौटने के लिए मजबूर किया है और नाकेबंदी मानने से इनकार करने वाले पांच व्यापारिक जहाजों को निष्क्रिय किया है.
इसमें यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना ने इससे पहले ईरान के 10 कमर्शियल तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था. अमेरिका का आरोप है कि ये टैंकर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा संचालित अरबों डॉलर के एक गुप्त नेटवर्क का हिस्सा थे.
ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद तेहरान ने इजरायल तथा अमेरिका से संबंधित या उनसे जुड़े जहाजों के लिए सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगा दी. वहीं, अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है.
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