
हैदराबाद, 24 सितंबर . दलित युवक पेरुमुल्ला प्रणय कुमार की चर्चित ‘हॉरर किलिंग’ मामले में दोषी एक व्यक्ति की Thursday को चेर्लापल्ली जेल में मौत हो गई. आरोपी उम्रकैद की सजा काट रहा था.
अब्दुल बारी (50) को दोपहर करीब 3 बजे दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा और जेल कर्मचारी उसे सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. नलगोंडा का रहने वाला बारी, प्रणय हत्याकांड में चौथे नंबर का आरोपी था और Gujarat के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या के मामले में भी उसे आरोपियों में से एक के तौर पर नामजद किया गया था.
24 साल के प्रणय की हत्या 14 सितंबर 2018 को सबके सामने कॉन्ट्रैक्ट किलर ने कुल्हाड़ी से काटकर कर दी थी. यह घटना तब हुई जब वह अपनी गर्भवती पत्नी अमृता और मां प्रेमलता के साथ नलगोंडा जिले के मिरियालगुडा कस्बे में एक प्राइवेट अस्पताल से निकल रहा था. इस हत्या की घटना cctv में कैद हो गई थी और इसने पूरे देश का ध्यान खींचा था.
प्रणय ने ऊंची जाति की अमृता से शादी की थी. यह शादी उसके पिता और बिजनेसमैन मारुति राव की मर्जी के खिलाफ थी. बचपन के दोस्त रहे दोनों ने 30 जनवरी, 2018 को हैदराबाद के एक आर्य समाज मंदिर में शादी की थी.
इस मामले में मुख्य आरोपी मारुति राव ने जमानत पर बाहर रहने के दौरान 7 मार्च, 2020 को आत्महत्या कर ली थी. उस पर आरोप था कि उसने एक अन्य आरोपी के जरिए कॉन्ट्रैक्ट किलर सुभाष कुमार शर्मा को 1 करोड़ रुपए देकर हत्या की साजिश रची थी.
छह साल तक चले ट्रायल के बाद, नलगोंडा की एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने बिहार के रहने वाले शर्मा को मौत की सजा सुनाई. अन्य दोषियों असगर अली, अब्दुल बारी, अब्दुल करीम, मारुति राव के भाई श्रवण कुमार, ऑटो ड्राइवर निजाम और कार ड्राइवर शिवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई.
Police जांच से पता चला कि मारुति राव ने जून 2018 में यह साजिश रची थी और ट्रांसपोर्टर अब्दुल करीम के जरिए असगर अली और अब्दुल बारी से संपर्क किया था. ये दोनों पहले हरेन पांड्या मामले में बरी हो चुके थे. 10 जुलाई 2018 को उन्होंने अली, बारी और करीम के बीच 15 लाख रुपए की एडवांस रकम बांटी.
अगस्त 2018 में शर्मा, अली और बारी मिरियालगुडा पहुंचे. कई नाकाम कोशिशों के बाद, 14 सितंबर 2018 को प्रणय की हत्या कर दी गई. अमृता ने न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखते हुए 2019 में एक बेटे को जन्म दिया, जिसने कभी भी अपने माता-पिता के घर न लौटने की कसम खाई थी.
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एएसएच/डीकेपी