
रांची, 28 सितंबर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राकेश सिन्हा ने Maharashtra Police द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी.
उन्होंने कहा कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जनता जाग चुकी है. सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और गिरफ्तारी होगी. आंदोलन करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि चिराग पासवान को अपने पिता रामविलास पासवान की विचारधारा पर काम करना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि Maharashtra में ‘वोट चोरी’ से Government बनी. ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अगर कोई व्यक्ति या संगठन सड़क पर उतरना चाह रहा है तो क्या उसके लिए अनुमति मिलेगी. अनुमति न मिलना तय था. क्योंकि ‘वोट चोर’ में डर पैदा हो गया है.
उन्होंने कहा कि Maharashtra, बिहार और पश्चिम बंगाल की Government डरी हुई है. ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अब जनता और युवा जाग चुके हैं. अब आंदोलन करने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है क्योंकि India से लोकतंत्र को किसी भी सूरत में खत्म नहीं होने देंगे. बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा, सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होगा और गिरफ्तारी भी होगी. देश से भाजपा की सत्ता जाएगी.
Union Minister चिराग पासवान के वायरल वीडियो पर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि सिर्फ दुख प्रकट करने से कुछ नहीं होगा. जब प्रदेश में बच्चियों के साथ दुर्व्यहार होता हो तो खेद जता देते हैं. जब कानून व्यवस्था तार-तार हो जाती है तब खेद जता देते हैं. वे अपनी अंतरात्मा को जगाएं. चिंतन करें कि चिराग पासवान के साथ एक और नाम जुड़ा है, स्वर्गीय रामविलास पासवान का. रामविलास पासवान की आइडियोलॉजी थी कि वह गलत के साथ कभी समझौता नहीं करते थे. चिराग पासवान भी समझौता न करें, सत्ता आनी-जानी है. आप सत्ता के लिए खेद प्रकट मत करो, निर्णय लो.
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एएसएच/एबीएम