सेवानिवृत्ति से पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मिले वायुसेना प्रमुख एपी सिंह

New Delhi, 29 अक्टूबर . भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने Thursday उपPresident सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की. यह मुलाकात को New Delhi स्थित उपPresident भवन में हुई. इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह इसी महीने सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. ऐसे में यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब एपी सिंह भारतीय वायुसेना में अपनी जिम्मेदारी के अंतिम चरण में हैं.
गौरतलब है कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह नेतृत्व में वायुसेना ने ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारियों पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है. एपी सिंह 31 अक्टूबर को अपने पद से सेवानिवृत्त होंगे. Government ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है. वह 31 अक्टूबर को पदभार संभालेंगे.
सेवानिवृत्ति से पहले एपी सिंह ने 20 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के किरण प्रशिक्षण विमान में अपनी अंतिम उड़ान भी भरी थी. इस दौरान उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर वीएस कोचर भी मौजूद थे. इससे पहले उन्होंने स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम लड़ाकू उड़ान भरी थी.
वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बीते दिनों एनसीसी की कैडेट के साथ भी हवाई उड़ान भरी थी. वायुसेना प्रमुख की इस पहल से एनसीसी कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी को विमानन की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिला. वायुसेना प्रमुख ने हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में 20 अक्टूबर को यह उड़ान भरी थी. इस दौरान एनसीसी की वायु शाखा की वरिष्ठ विंग की कैडेट तेजस्वी उनके साथ किरण विमान में मौजूद रहीं.
वायुसेना प्रमुख ने एनसीसी कैडेट को विमान की कार्यप्रणाली, उड़ान की विभिन्न कलाओं और आसमान में विमान को नियंत्रित करने के तरीकों की जानकारी दी. हाल ही में 94वां वायुसेना दिवस के अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने कहा था कि यह उनके लिए विशेष रूप से गर्व का अवसर है, क्योंकि इसी महीने वह वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वायुसेना प्रमुख के रूप में सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है. उन्होंने यह भी कहा था कि हर वायु योद्धा को यह संकल्प लेना चाहिए कि कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, वह ऐसी कमजोर कड़ी नहीं बनेगा, जिससे वायुसेना रूपी श्रृंखला कमजोर हो या टूट जाए.
उन्होंने वायुसेना में ऐसा वातावरण बनाने पर जोर दिया, जहां आपसी सम्मान हो और किसी तरह का पक्षपात या भेदभाव न हो. वायुसेना प्रमुख ने वायु योद्धाओं से संगठन के हित को हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखने का आह्वान किया.
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जीसीबी/एएसएच


