सीमा पार हथियार और हेरोइन तस्करी मामले में एनआईए की तीसरी चार्जशीट, दो नए आरोपी नामजद

New Delhi, 17 अक्टूबर . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तरी India में सक्रिय एक सीमा पार तस्करी गिरोह से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है.
एजेंसी ने दो अतिरिक्त आरोपियों को नामजद किया है और पहले से चार्जशीट में शामिल छह लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की अतिरिक्त धाराएं लगाई हैं.
नई चार्जशीट में शामिल दो आरोपियों की पहचान अमी लाल के पुत्र सत्यनारायण मेघवाल और विजय सिंह के पुत्र साहिल गोदारा के रूप में हुई है. दोनों को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया गया था.
Rajasthan के jaipur स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में यूएपीए, शस्त्र अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया.
एजेंसी ने अपने पहले के आरोप पत्रों में नामित छह आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी हैं. यह मामला सीमा पार संबंधों वाले एक कथित संगठित तस्करी नेटवर्क से संबंधित है. एनआईए ने इससे पहले 14 अगस्त, 2025 और 5 फरवरी, 2026 को इस मामले में दो आरोप पत्र दाखिल किए थे.
जांच के अनुसार, सीमा पार से संचालित होने वाले इस गिरोह के सदस्यों ने ड्रोन का इस्तेमाल करके अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों के पास विदेशी निर्मित अवैध हथियारों, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप गिराई थी. बाद में इन खेपों को सह-आरोपियों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों ने भारतीय पक्ष से प्राप्त किया और Rajasthan , Haryana और पंजाब में वितरित किया.
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया है कि गिरोह ने अपनी गतिविधियों के समन्वय, रसद प्रबंधन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों का इस्तेमाल किया.
एनआईए ने आगे आरोप लगाया कि नेटवर्क का उद्देश्य मादक पदार्थों का वितरण करके कमजोर युवाओं को निशाना बनाना, लत को बढ़ावा देना, व्यक्तियों का शोषण करना और India के खिलाफ असंतोष पैदा करना था.
एजेंसी ने कहा कि अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने, व्यापक नेटवर्क का पता लगाने और कथित आपराधिक गतिविधियों की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.
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एएसएच/एबीएम


