सीजेपी के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई से भड़के अरविंद सावंत, बोले-ये अघोषित इमरजेंसी है

New Delhi, 10 अक्टूबर . सीजेपी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नेताओं को डिटेन किए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने केंद्र Government और Police पर तीखा हमला बोला. सावंत ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन संविधान का अधिकार है. हवाई जहाज से लोगों को पकड़कर डिटेन करना आतंकवादियों जैसा व्यवहार है और यह अघोषित इमरजेंसी है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, ” ये कौन सा कानून है? हवाई जहाज में पकड़ के अंदर जाके डिटेन किया, समझ में नहीं आ रहा है, कोई आतंकवादी है क्या? इस देश में संविधान के तहत आंदोलन करने का अधिकार, अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने का अधिकार सभी को है. जब तक शांतिपूर्ण है तो आपको तकलीफ क्या है?”

उन्होंने कहा, “जिस तरह से दो दिन पहले जब राहुल गांधी और सारे सांसद चुनाव आयोग के ऑफिस पर जा रहे थे हम लोग, उस वक्त भी पूरे दिल्ली में सारे रास्तों पर बैरिकेड लगा रखे थे और मेट्रो के सारे स्टेशन बंद थे. ये क्या है? ये इमरजेंसी के अलावा दूसरा कुछ नहीं है, अघोषित इमरजेंसी है. जो मर्जी आए करो.”

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने कहा कि जिस तरह से Police बर्बरता कर रही है. Police को भी ध्यान रखना चाहिए, ऊपर वाला है और किसी पर भरोसा नहीं है तो वो तुम्हारा सर्वोच्च न्यायालय है. इस देश की ताकत मतलब जनता है और जनता के मन में संविधान है, उस संविधान के तहत अगर कोई ऐसा करता है, जो बर्बरता आप कर रहे हैं, तो उसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे, इतना ध्यान में रखना.

उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इतना भ्रष्टाचार किया, उसके ऊपर कार्रवाई नहीं, ये कौन सा कानून है, जबकि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने परसों तमाचा लगाया है कि एसआईआर के बारे में हमसे अनुमति नहीं ली थी. भ्रष्टाचार के कौन से सबूत चाहिए आपको? इस देश में जनतंत्र नहीं है अभी, सावधान.

उन्होंने कहा कि यह अटल बिहारी की भाजपा नहीं है, न तो लालकृष्ण आडवाणी की भाजपा है, ये रंगा-बिल्ला की भाजपा है. इस बीजेपी से कानूनन कोई काम होगा? उनके दिमाग में पंजाब-Haryana का चुनाव है. उनके दिमाग में यूपी का चुनाव है, वो चुनाव को देखकर अपना ढोंग रचाते हैं.”

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केके/वीसी

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