
सिरसा, 16 सितंबर . डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की 21 दिन की फरलो समाप्त हो गई है. फरलो पूरी होने के बाद राम रहीम Wednesday को सुनारिया जेल वापस लौटेगा. फरलो के दौरान सिरसा स्थित डेरा परिसर में अनुयायियों की आवाजाही लगातार बढ़ी रही.
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डेरा प्रबंधन ने राम रहीम की वापसी का समय और पूरा शेड्यूल सार्वजनिक नहीं किया है. Police और प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है, ताकि वापसी के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो. बताया जा रहा है कि कड़ी सुरक्षा के बीच गुपचुप तरीके से उसे सुनारिया जेल ले जाया जाएगा.
करीब 9 साल में यह 17वीं बार है जब राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है. रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख को इस साल यह तीसरी बार अस्थायी रिहाई मिली है. इससे पहले इस साल जनवरी में उसे 40 दिन की राहत मिली थी और 26 मई को 30 दिन की छुट्टी पर वह बाहर आया था. इसके बाद वह 25 जून को सुनारिया जेल वापस लौटा था. अब 21 दिन की फरलो के बाद वह फिर से जेल जाएगा.
गौरतलब है कि राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिली हुई है. वह 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. नियमों के अनुसार कैदी को पैरोल और फरलो का लाभ दिया जाता है, लेकिन राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल और फरलो पर लगातार सवाल उठते रहे हैं.
राम रहीम को मिली इस फरलो पर सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने कड़ी आपत्ति जताई थी. अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया था कि एक ओर लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों को रिहा नहीं किया जा रहा, वहीं दूसरी ओर गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दी जा रही है.
वहीं पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने भी इस फैसले का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि बार-बार पैरोल मिलने से पीड़ित परिवारों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है.
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पीआईएम/एएस