
कोलकाता, 2 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल Government राज्यभर में Governmentी स्वामित्व वाली जमीन का व्यापक सर्वे कराने जा रही है. इसका उद्देश्य Governmentी जमीन पर हुए अतिक्रमण की पहचान करना और अवैध कब्जे वाली जमीन को वापस लेना है.
यह राज्यव्यापी सर्वे पश्चिम बंगाल भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय की ओर से किया जाएगा, जो राज्य के भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग के तहत काम करता है.
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सर्वे के जरिए Government के स्वामित्व वाली प्रत्येक जमीन की सही सीमा तय की जाएगी. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कितनी Governmentी जमीन पर अतिक्रमण है और कितनी जमीन अभी Government के कब्जे में है.
राज्य के भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग ने बताया कि अतिक्रमण से वापस ली गई जमीन पर Government का कब्जा बनाए रखने के लिए उसकी सीमाओं पर स्थायी खंभे या पिलर लगाने का भी फैसला किया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक, Governmentी रिकॉर्ड में राज्य Government के स्वामित्व वाली बड़ी मात्रा में जमीन दर्ज है, लेकिन इसमें से कितनी जमीन वास्तव में Government के कब्जे में है और कितनी जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि राज्य Government के विभिन्न विभागों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कई जमीनें वर्षों से खाली पड़ी थीं. समय के साथ इन जमीनों पर व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर पर धीरे-धीरे अतिक्रमण कर लिया गया.
राज्य Government नई भूमि नीति के जरिए बड़े निवेश को आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. बड़े निवेश के लिए एक साथ बड़े भूखंडों की जरूरत पड़ेगी. इसी वजह से राज्य में अतिक्रमण वाली Governmentी जमीन की पहचान कर उसे वापस लेने के लिए यह सर्वे कराया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय ने सर्वे का काम किसी विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) यानी टेंडर भी जारी कर दिया है.
राज्य Government के एक अधिकारी ने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासन के लिए Governmentी जमीन की सही जगह, उसका क्षेत्रफल और उसकी सीमाएं तय करना आसान हो जाएगा.
इस सर्वे को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए विभाग आधुनिक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) तकनीक का इस्तेमाल करेगा. राज्य Government ने सर्वे की पूरी प्रक्रिया को अगले छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
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एएमटी/वीसी