
तिरुवनंतपुरम, 3 अक्टूबर . केरल Government विदेशी निवेश आकर्षित करने और प्रवासी मलयाली समुदाय के नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए दुनिया के पांच प्रमुख शहरों में ‘केरल डेस्क’ स्थापित करेगी. Chief Minister वी.डी. सतीशन ने Saturday को यह जानकारी दी.
ये डेस्क Dubai , लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और टोक्यो में खोले जाएंगे. Government ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. यह पहल राज्य की 100 दिवसीय कार्ययोजना का हिस्सा है.
Government के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य प्रवासी मलयाली समुदाय के प्रति केरल के दृष्टिकोण में बदलाव लाना है. अब फोकस केवल प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले धन यानी रेमिटेंस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निवेश और कारोबारी भागीदारी को बढ़ावा देने पर भी रहेगा.
‘केरल डेस्क’ संबंधित शहरों में Government और एनआरके (नॉन-रेजिडेंट केरलाइट्स) संगठनों, केरल मूल के कारोबारियों तथा संभावित निवेशकों के बीच संपर्क स्थापित करेंगे. ये डेस्क संभावित निवेशकों और निवेश प्रस्तावों की पहचान करेंगे और इनसे जुड़ी जानकारी को आगे की कार्रवाई के लिए केएसआईडीसी (केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के ‘इन्वेस्ट केरल सेल’ को भेजेंगे.
इन्वेस्ट केरल सेल अपनी सिंगल-विंडो प्रणाली के जरिए निवेश प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई करेगा. इसके अलावा, डेस्क संबंधित देशों में निवेश के अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे.
Government ने बताया कि ये डेस्क निवेश से जुड़े रुझानों और नियामकीय बदलावों पर भी नजर रखेंगे, जो केरल के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
खास बात यह है कि इस योजना को राज्य पर किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बिना लागू करने का फैसला किया गया है. प्रत्येक डेस्क की मेजबानी संबंधित शहर में पहले से सक्रिय किसी मान्यता प्राप्त एनआरके संगठन द्वारा की जाएगी. ये संगठन मानद और स्वैच्छिक आधार पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे.
इन्वेस्ट केरल सेल इस पूरी पहल के लिए संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगा. साथ ही, वह ब्रांडिंग, समन्वय और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा.
केएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक को पांचों शहरों में उपयुक्त एनआरके संगठनों की पहचान करने और उनके साथ सहयोग को औपचारिक रूप देने का निर्देश दिया गया है. प्रत्येक डेस्क के काम का दायरा और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी तय की जाएगी.
Government का कहना है कि यह पहल खाड़ी, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पूर्वी एशिया में फैले मलयाली प्रवासियों के मौजूदा कारोबारी और पेशेवर नेटवर्क का लाभ उठाएगी. ये डेस्क केरल और संभावित विदेशी निवेशकों के बीच विदेशों में संपर्क सूत्र के रूप में काम करेंगे.
Government को उम्मीद है कि इस पहल से निवेश के नए अवसरों की पहचान होगी और राज्य में विदेशी पूंजी आकर्षित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.
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डीएससी