
Mumbai , 14 अक्टूबर . Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने Wednesday को विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर दबाव बनाने के लिए Supreme Court तक मार्च करना संवैधानिक संस्थाओं का सीधा अपमान है.
कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “एक हाथ में संविधान रखना और दूसरे हाथ से संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना, देश में अराजकता फैलाने की साफ कोशिश है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
शिंदे ने जोर देकर कहा कि Supreme Court जैसी सर्वोच्च संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने के लिए विरोध-प्रदर्शन करना एक गंभीर मामला है.
उन्होंने कहा कि संविधान Supreme Court और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को स्वतंत्र दर्जा देता है, और उन्हें कमजोर करने की कोई भी कोशिश खुद संवैधानिक ढांचे का अपमान करने जैसा है.
उन्होंने आरोप लगाया, “इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों की साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता,” और लोगों को अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी. उन्होंने आगे कहा कि झूठी बातें फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदायक है.
शिंदे ने यह भी बताया कि Maharashtra कैबिनेट ने Prime Minister Narendra Modi के सार्वजनिक नेतृत्व (Chief Minister और Prime Minister के तौर पर) के 25 साल पूरे होने पर उन्हें सम्मानित करते हुए एक बधाई प्रस्ताव पारित किया, जिसे औपचारिक रूप से उन्हें भेजा जाएगा.
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में India का वैश्विक कद बढ़ा है और 36 देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए हैं. India की आर्थिक स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले India की गिनती ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर अर्थव्यवस्थाओं) में होती थी, जबकि आज यह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और चौथी जगह की ओर बढ़ रहा है.
2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ 25 करोड़ से ज्यादा लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं और लगभग 80 करोड़ नागरिकों को अनाज की मदद मिल रही है.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के अनुच्छेद 370 को हटाने और अयोध्या में राम मंदिर बनाने के सपने कांग्रेस के शासन में अधूरे रहे, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे हुए.
उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस के शासनकाल में आतंकी हमलों का जवाब सिर्फ कूटनीतिक पत्रों से दिया जाता था. पहलगाम के बाद, पीएम मोदी के नेतृत्व में Pakistan के अंदर आतंकी लॉन्चपैड को नष्ट किया गया, जिससे दुनिया को एक नया India दिखा जो पत्र नहीं लिखता, बल्कि सीधा जवाब देता है.”
राज्य में कृषि संकट पर बात करते हुए शिंदे ने बताया कि सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए Government ने सूखा प्रभावित तालुकों की सूची 265 से बढ़ाकर 305 कर दी है. राज्य Government 12 बड़ी राहतें दे रही है, जिनमें लोन वसूली पर रोक, कर्ज का पुनर्गठन, छात्रों की फीस माफी और चारे व पानी की आपूर्ति में मदद शामिल है. उन्होंने घोषणा की कि दिवाली से पहले सूखा प्रभावित किसानों के खातों में सीधे 5,000 रुपए की आर्थिक मदद जमा की जाएगी.
उन्होंने भरोसा दिलाया, “राज्य के खजाने पर पहला हक किसानों का है और हम उन्हें मुश्किल हालात में अकेला नहीं छोड़ेंगे.”
प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए एक केंद्रीय टीम पहले ही जा चुकी है और पीएम मोदी ने शिंदे के साथ 30 मिनट तक बातचीत की, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर केंद्र की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिया.
विपक्ष की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए शिंदे ने पूछा, “सूखे के समय क्या ज्यादा जरूरी है – किसान या Supreme Court के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन?”
अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने कहा, “मोदी आलोचकों की परवाह नहीं करते; वह अपना काम करते रहते हैं. शेर गीदड़ों के शोर से नहीं डरता.” उन्होंने दोहराया कि देश का रास्ता विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों के कल्याण पर केंद्रित है.
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एससीएच/डीकेपी