हीरा ग्रुप धोखाधड़ी मामला: ईडी ने 15 करोड़ की 7 संपत्तियों की नीलामी की, निवेशकों को मिलेगा पैसा

हैदराबाद, 14 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने हीरा ग्रुप धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 अचल संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली है. इन संपत्तियों की कुल नीलामी कीमत लगभग 15.03 करोड़ रुपए है.

ईडी ने 6 अक्टूबर 2026 को सफल एच-1 बोलीदाताओं के पक्ष में इन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन पूरा किया. नीलाम हुई संपत्तियों में हैदराबाद के शेखपेट गांव में स्थित एच.एस. रॉयल में 6 फ्लैट और बंजारा हिल्स में रोड नंबर 12, एमएलए कॉलोनी में 1 घर शामिल हैं.

यह नीलामी Supreme Court के निर्देशों के तहत की गई है. 5 मार्च 2025 के आदेश के जरिए Supreme Court ने ईडी की उस अर्जी को मंजूरी दी थी, जिसमें असली दावेदारों और पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए अटैच की गई संपत्तियों से ज्यादा से ज्यादा वसूली करने के मकसद से नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य की संपत्तियों की नीलामी की अनुमति मांगी गई थी.

इसके बाद 27 जुलाई 2026 के आदेश के जरिए Supreme Court ने तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वे आरोपी की ओर से सेल डीड को निष्पादित करने के लिए रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) टी. वेंकटेश्वर राव को नियुक्त करें. इसी आदेश के तहत 7 संपत्तियों की सेल डीड सफल बोलीदाताओं के पक्ष में रजिस्टर कर दी गई है.

यह पूरा मामला हीरा ग्रुप की मालकिन नोहेरा शेख द्वारा किए गए बड़े निवेश घोटाले से जुड़ा है. ईडी ने अलग-अलग राज्यों में Police द्वारा दर्ज कई First Information Report के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की थी. जांच में पता चला कि नोहेरा शेख और अन्य ने सालाना 36 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न देने का वादा करके जनता से 5,978 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश इकट्ठा किया था.

बाद में इन कंपनियों ने बड़ी संख्या में निवेशकों को मूल राशि और वादा किया गया रिटर्न वापस करने में चूक की. जांच में यह भी सामने आया कि इस तरह से कमाए गए गैर-कानूनी पैसे से नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप की कंपनियों, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं.

जांच के दौरान ईडी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने पीएमएलए के तहत 428.83 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने के लिए 5 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए थे. इस मामले में विशेष अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दायर की गई है.Supreme Court ने नोहेरा शेख के व्यवहार का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 8 अप्रैल 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी और एक हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया. आदेश का पालन न करने पर पीएमएलए कोर्ट ने 7 मई 2026 को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया.

इसके बाद खुफिया जानकारी के आधार पर ईडी ने Haryana Police के साथ संयुक्त ऑपरेशन में 21 मई 2026 को गुरुग्राम से नोहेरा शेख को गिरफ्तार किया. उन्हें हैदराबाद लाया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वे अभी भी हैं.

ईडी ने बताया कि जब्त संपत्तियों की नीलामी से मिली रकम को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) को ट्रांसफर किया जाएगा, ताकि Supreme Court के निर्देशों के अनुसार इसे पीड़ितों में बांटा जा सके. बाकी जब्त संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया भी जारी रहेगी.

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एससीएच

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