Skip to content
Wednesday, 21 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

संजय राउत के ‘Supreme Court जलाने’ वाले पोस्ट पर सियासी घमासान, भाजपा-शिवसेना ने बताया राष्ट्रविरोधी

संजय राउत के ‘Supreme Court जलाने’ वाले पोस्ट पर सियासी घमासान, भाजपा शिवसेना ने बताया राष्ट्रविरोधी

संजय राउत के ‘Supreme Court जलाने’ वाले पोस्ट पर सियासी घमासान, भाजपा-शिवसेना ने बताया राष्ट्रविरोधी

New Delhi, 20 अक्टूबर . शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के एक social media पोस्ट को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने संजय राउत को राष्ट्रविरोधी बताया.

दरअसल, संजय राउत ने तिराना, अल्बानिया में हुए Government विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा था, “अल्बानिया के लोगों ने Supreme Court को जला दिया है. लोग इसलिए गुस्से में थे क्योंकि Supreme Court भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था. प्रदर्शन कर रही जनता ने संसद, Governmentी दफ्तरों और मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया है. सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए, खासकर India को.”

राउत के इस पोस्ट के बाद भाजपा और शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से लोनी के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने संजय राउत के पोस्ट को राष्ट्रविरोधी बताया है. उन्होंने Maharashtra Police से राउत की गिरफ्तारी की मांग की है और देश भर के लोगों से दशहरा पर राउत का पुतला जलाने की अपील की.

गुर्जर ने कहा, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव Supreme Court में गए, जिससे यह साफ हो गया है कि अगर हमारी सूझबूझ नहीं होती और शक्ति नहीं होती तो वे Supreme Court को जलाने का प्रयास करते. मैंने सीजेआई से पहले ही निवेदन किया था कि राहुल गांधी के ऊपर मुकदमा दर्ज हो. संजय राउत उसी का हिस्सा हैं और वे रावण हैं. उनके बयान को India जैसा देश बर्दाश्त नहीं कर सकता. राउत अगर दिल्ली में आते हैं, तो उनका जवाब दिया जाएगा. उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.”

वहीं, ठाणे से शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा, “अमित शाह एनडीए के बड़े नेता हैं. राउत की पार्टी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दरवाजे के बाहर बैठी है. बाला साहब ठाकरे ने कहा था कि उनकी पार्टी कभी भी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी और वक्त आया तो वो पार्टी बंद कर देंगे. लेकिन, संजय राउत कांग्रेस की चौखट के बाहर बैठे रहते हैं. क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी संजय राउत के नेता हैं. पहले वे पवार साहब की गुलामी करते थे, अब गांधी परिवार की कर रहे हैं.”

दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने भी राउत की टिप्पणियों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, “भारतीय संविधान विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत देता है, लेकिन विरोध में हिंसा नहीं होनी चाहिए. संविधान में हिंसा के जरिए Government बदलने की कोई गुंजाइश नहीं है. इसके लिए एक चुनावी प्रक्रिया है. Political दलों को चाहे वह कांग्रेस हो या कोई और पार्टी, इस पर जवाब देना होगा. इसी चुनावी प्रक्रिया, इसी चुनाव आयोग, इन्हीं चुनाव आयुक्तों और इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और Himachal Pradesh में सत्ता बदली है, जहां अभी कांग्रेस सत्ता में है और तमिलनाडु में भी, जहां विपक्ष सत्ता में है.”

वहीं, सपा सांसद एसटी हसन ने कहा, “हमारा मानना है कि हिंदुस्तान को बांटने का ख्याल लोग अपने दिलों से निकाल लें. ऐसा किसी के अंदर हिम्मत नहीं है. वैचारिक रूप से हिंदुस्तान के अंदर भले ही मतभेद हों, लेकिन जहां पर देश का मामला आता है, वहां पर हम एक हैं.”

–

एससीएच/एबीएम

Share