Skip to content
Friday, 30 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
कूटनीति,अंतरराष्ट्रीय

शी के साथ परमाणु मुद्दों पर बैठक ‘शायद सबसे महत्वपूर्ण’ होगी: ट्रंप

शी के साथ परमाणु मुद्दों पर बैठक ‘शायद सबसे महत्वपूर्ण’ होगी: ट्रंप

वाशिंगटन, 29 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप चीनी President शी जिनपिंग के साथ बैठक को लेकर काफी आशान्वित हैं. उनके अनुसार परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर चीनी President के साथ एक बैठक पहले से ही तय है और यह “सबसे महत्वपूर्ण बैठक” हो सकती है. इसके साथ ही, उन्होंने व्यापारिक साझेदारों के साथ रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात को लेकर बातचीत करने का निर्देश दिया.

ट्रंप ने Wednesday (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, “हमारी चीन के President शी के साथ मुलाकात पहले से ही तय है. इसके अलावा, परमाणु निरस्त्रीकरण पर भी हमारी एक बैठक होने वाली है… शायद यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक होगी.”

उन्होंने कहा, “चीन अभी काफी पीछे है, लेकिन अगले पांच सालों में वे हमारी बराबरी कर लेंगे.”

रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान और रूस के बारे में बात की. मुझे लगता है कि रूस-यूक्रेन मामले में हम काफी प्रगति कर रहे हैं. जल्द ही एक बैठक होगी, और मुझे लगता है कि काफी अच्छी प्रगति हो रही है.”

जब उनसे पूछा गया कि कौन-कौन मुलाकात करेगा, तो उन्होंने कहा, “President पुतिन और President जेलेंस्की के साथ.”

ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा, “ईरान के मामले में हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं… वे एक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे इसे टालते रहते हैं. हो सकता है कि वे चुनाव या किसी और चीज का इंतजार कर रहे हों, लेकिन इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा.”

उन्होंने कहा, “हमने उनकी सेना को तबाह कर दिया है. हमने उनकी आर्थिक स्थिति को बर्बाद कर दिया है. उनके पास पैसे नहीं हैं. वहां दुनिया की सबसे ज्यादा महंगाई है; कुछ दिन पहले यह 301 प्रतिशत थी.”

जब उनसे पूछा गया कि क्या मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ कोई चौंकाने वाला कदम उठाया जा सकता है, तो ट्रंप ने कहा, “मैं अभी कुछ कह नहीं सकता… लेकिन कुछ भी संभव है.”

इससे पहले, व्हाइट हाउस से निकलते समय ट्रंप से ईरान के मामले में उपPresident जे.डी. वेंस की भूमिका के बारे में पूछा गया. ट्रंप ने कहा, “नहीं. उन्होंने मुझसे मेरी राय पूछी थी, और मैंने कहा कि अगर आप ऐसा करना चाहते हैं, तो ठीक है.”

ट्रंप ने अलास्का में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार मैरी पेल्टोला पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “मैरी पेल्टोला को इस दौड़ से हट जाना चाहिए. मुझे लगता है कि उन्होंने जो किया है, उसके लिए उन पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए… यह बड़े स्तर पर वोटर फ्रॉड (मतदाता धोखाधड़ी) है.” उन्होंने एक “नकली डैन सुलिवन” का ज़िक्र किया और कहा कि पेल्टोला को “मतपत्र (बैलेट) से हटा दिया जाना चाहिए”.

ब्राजील के पूर्व President जायर बोल्सोनारो के परिवार से जुड़े वीजा मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि उनके साथ बहुत अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया.” जब उनसे पूछा गया कि क्या फ्लेवियो बोल्सोनारो ही असली President हैं? तो उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहा हूं… यह एक बहुत ही अजीब चुनाव था, यह तो पक्का है.”

इसके अलावा, ट्रंप ने 1962 के ‘ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट’ (व्यापार विस्तार अधिनियम) की धारा 232 के तहत एक आदेश पर हस्ताक्षर किए. यह आदेश रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके पुर्जों व कलपुर्जों के आयात से संबंधित है.

इस आदेश में कहा गया है कि वाणिज्य सचिव ने पाया है कि इन वस्तुओं का आयात इतनी बड़ी मात्रा में और ऐसी परिस्थितियों में किया जा रहा है, जिससे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है.

तुरंत टैरिफ (शुल्क) लगाने के बजाय, ट्रंप ने वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि वे व्यापारिक साझेदारों के साथ “समझौतों के लिए बातचीत करें” और 180 दिनों के भीतर उन्हें इसकी जानकारी दें.

आदेश में कहा गया है, “इस बातचीत की स्थिति या परिणाम के आधार पर, मैं भविष्य में अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता हूं. इनमें टैरिफ, शुल्क, कोटा और फीस लगाना या उनमें बदलाव करना शामिल हो सकता है.”

इसमें बताया गया है कि रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी ने “2024 में लगभग 7.1 ट्रिलियन डॉलर के विनिर्मित सामानों की शिपमेंट” में मदद की है. साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि “कुछ विदेशी संस्थाओं” से आने वाले ऐसे उपकरण “साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे” पैदा कर सकते हैं. इस आदेश में किसी देश का नाम नहीं लिया गया है.

यह कदम रणनीतिक क्षेत्रों में धारा 232 के तहत की जा रही जांचों की श्रृंखला का हिस्सा है. इसका असर दुनिया भर के निर्यातकों पर पड़ सकता है, जिसमें India भी शामिल है, जो इस समय वाशिंगटन के साथ एक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहा है.

–

केआर/

Share