
New Delhi, 24 अगस्त . India के पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान कमेंट्री की दुनिया में जाने-माने चेहरे हैं. हालांकि, उनका इंटरनेशनल करियर बहुत छोटा रहा. विवेक ने वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू सचिन तेंदुलकर के साथ किया था.
विवेक राजदान का जन्म 25 अगस्त, 1969 को New Delhi में हुआ. विवेक का शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था और जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला किया. घरेलू क्रिकेट में विवेक बतौर तेज गेंदबाज अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे. विवेक ने 29 फर्स्ट-क्लास मैचों में 67 विकेट चटकाने के साथ-साथ बल्ले से भी 700 रन बनाए. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले 18 मुकाबलों में उन्होंने 14 विकेट निकाले.
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन के चलते साल 1989 में विवेक को भारतीय टीम से बुलावा आया. Pakistan के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में उन्हें विश्व स्तर पर अपनी काबिलियत दिखाने का पहली बार मौका मिला. विवेक पहले मैच में तो कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने सियालकोट में खेले गए टेस्ट में Pakistan के खिलाफ 79 रन देकर 5 विकेट चटकाए. हालांकि, यह उनके करियर का आखिरी टेस्ट मैच भी रहा और इसके बाद वह India के लिए सफेद जर्सी में दोबारा खेलते हुए नजर नहीं आए.
विवेक ने अपना वनडे डेब्यू सचिन तेंदुलकर के साथ 18 दिसंबर, 1989 को Pakistan के खिलाफ किया. इस मुकाबले में उन्हें सिर्फ दो ही मुकाबलों में गेंदबाजी करने का मौका मिला. उन्होंने India की ओर से 3 वनडे मुकाबले खेले और इस दौरान सिर्फ एक विकेट चटकाया. विवेक इस सीरीज के बाद धीरे-धीरे गुमनाम हो गए और इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी दोबारा वापसी नहीं हुई.
हालांकि, बतौर खिलाड़ी संन्यास लेने के बाद विवेक राजदान ने कमेंटेटर के तौर पर खास पहचान बनाई. साल 2020-21 में India और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान विवेक राजदान की कमेंट्री काफी मशहूर हुई. गाबा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत के आखिरी पलों में विवेक द्वारा बोल गए शब्द ‘टूटा है गाबा का घमंड’ काफी मशहूर हुए.
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एसएम/पीएम