Skip to content
Sunday, 18 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
क्रिकेट,खेल

वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच

वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच

New Delhi, 17 अक्टूबर . न्यूजीलैंड दौरे के लिए India की वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान हो चुका है. बुमराह की टेस्ट में तो वापसी हुई है लेकिन एक बार फिर उन्हें वनडे टीम में नहीं रखा गया है. तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए बुमराह को पांच मैचों की वनडे सीरीज में मौका मिलने की उम्मीद थी लेकिन इस बार भी वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर उन्हें सिर्फ टेस्ट टीम में रखा गया है.

बुमराह ने पिछले वनडे विश्व कप 2023 के बाद से अब तक सिर्फ दो एकदिवसीय मुकाबले ही खेले हैं. साल 2024 और 2025 में बुमराह ने एक वनडे मैच तक नहीं खेला. 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए बुमराह को टीम में रखा गया. दो वनडे मैच खेलने के बाद बुमराह चोटिल हो गए थे और आखिरी एकदिवसीय मुकाबला नहीं खेल सके थे.

अब सवाल यह है कि अगर भारतीय टीम अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारी कर रही है, तो बुमराह को ज्यादा से ज्यादा वनडे मैचों में खेलने का मौका क्यों नहीं मिल रहा है. बुमराह की फॉर्म पर किसी को कोई शक नहीं है. हालांकि, वनडे मैचों के हिसाब से बुमराह की फिटनेस और माइंडसेट को तैयार रखना जरूरी है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में हुई घरेलू वनडे सीरीज में भी बुमराह को टीम में नहीं रखा गया था और उन्हें एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने गई टीम के साथ भेजा गया था. इस पूरे टूर्नामेंट में बुमराह ने सिर्फ छह ओवर गेंदबाजी की, जो एक वनडे मैच के स्पेल से भी कम है. न्यूजीलैंड दौरे पर बुमराह को तेज गेंदबाजों के लिए मददगार कंडिशंस में आजमाने का अच्छा मौका था. टेस्ट की जगह पांच मैचों की इस वनडे सीरीज में बुमराह की फिटनेस का भी टेस्ट होता.

न्यूजीलैंड दौरे के बाद भारतीय टीम को सिर्फ श्रीलंका और फिर जिम्बाब्वे के खिलाफ ही तीन-तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है जबकि एशिया कप 2027 भी वनडे फॉर्मेट में खेला जाएगा. यह दोनों सीरीज घरेलू सरजमीं पर होनी हैं जबकि वर्ल्ड कप विदेशी धरती पर खेला जाना है. ऐसे में न्यूजीलैंड में बुमराह को 50 ओवर के फॉर्मेट में अच्छी मैच प्रैक्टिस देने का विकल्प था, जिस पर भारतीय सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट ने विचार नहीं किया. बुमराह के वर्कलोड को मैनेज करना तो ठीक है लेकिन उन्हें एक साल से भी कम समय में होने वाले वर्ल्ड कप 2027 से पहले वनडे फॉर्मेट से दूर रखने का फैसला भी ठीक नजर नहीं आता है.

–

एसएम/पीएम

Share