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Friday, 23 October 2026
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रूसी डीजल लेकर पहला टैंकर दो से तीन दिनों में रवाना होगा: राष्ट्रपति पुतिन

रूसी डीजल लेकर पहला टैंकर दो से तीन दिनों में रवाना होगा: President पुतिन

सेंट पीटर्सबर्ग, 21 अक्टूबर . रूस के President व्लादिमीर पुतिन ने Wednesday को कहा कि रूसी डीजल ईंधन लेकर पहला टैंकर दो से तीन दिनों में रवाना होगा. इस टैंकर में 40 हजार टन डीजल होगा. पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोव्स्की पैलेस में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रूस फिलहाल डीजल ईंधन से भरे कई टैंकरों की खेप भेजने की तैयारी कर रहा है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह ईंधन वैश्विक बाजार और अमेरिकी बाजार के लिए है. क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने 9 अक्टूबर को अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की थी. इस दौरान यूक्रेन संकट के समाधान की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई थी. वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के घटनाक्रमों पर चर्चा के दौरान रूस ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों को तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने की अपनी तत्परता दोहराई थी.

इस बीच, यूक्रेन के President वोलोदिमीर जेलेंस्की ने Tuesday को नॉर्वे के ओस्लो में विटकॉफ के साथ युद्धविराम के विभिन्न प्रारूपों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की. यूक्रेन की Governmentी समाचार एजेंसी उक्रिनफॉर्म के अनुसार, इस बैठक में नॉर्वे के Prime Minister जोनास गाहर स्टोर और फिनलैंड के President अलेक्जेंडर स्टब भी शामिल हुए. बैठक के बाद जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और देश के पुनर्निर्माण के मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

बैठक के बाद विटकॉफ रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए रूसी नेतृत्व से मुलाकात की. इस साल की शुरुआत में मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं. इस संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे वैश्विक ईंधन बाजारों के इतिहास में आपूर्ति में आई ‘सबसे बड़ी बाधा’ करार दिया है.

पिछले सप्ताह अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू करने की तैयारी की जा रही है. ट्रंप ने अपने social media प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि विशेषज्ञों के अनुसार, आर्कटिक क्षेत्र में स्थित इस द्वीप में आसानी से निकाले जा सकने वाले तेल का भंडार दुनिया के लगभग किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में काफी अधिक है. हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई विशिष्ट अनुमान नहीं दिया और न ही खोज की योजनाओं का विस्तृत ब्योरा साझा किया.

ट्रंप ने यह भी कहा था कि भविष्य में अमेरिका पर होने वाला कोई भी हमला ग्रीनलैंड के रास्ते आ सकता है. उन्होंने दावा किया कि वहां अमेरिकी रक्षा व्यवस्था ड्रोन, मिसाइलों या किसी अन्य प्रकार के हथियार को मार गिराने में सक्षम होगी. ट्रंप की ये टिप्पणियां सितंबर के अंत में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए एक व्यापक समझौते के बाद आई थीं. इस समझौते का उद्देश्य ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का विस्तार करना है.

यह समझौता ट्रंप की ओर से कई महीनों तक बनाए गए दबाव के बाद हुआ था. ट्रंप बार-बार डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की बात कह चुके हैं. उन्होंने इसके लिए सैन्य या आर्थिक तरीकों के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया था. उनके इस प्रस्ताव का नाटो सहयोगियों और ग्रीनलैंड के लोगों ने कड़ा विरोध किया है.

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डीएससी

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