रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी ने कहा-विविधता पर किसी एक पार्टी का एकाधिकार नहीं

न्यूयॉर्क, 27 अक्टूबर . न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स को चुनौती दे रहीं भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमातिरेड्डी ने कहा है कि उपPresident जेडी वेंस की भारतीय-अमेरिकी पत्नी उषा वेंस इस बात का उदाहरण हैं कि रिपब्लिकन पार्टी विविधता को स्वीकार करती है.
द न्यूयॉर्क टाइम्स में Monday को प्रकाशित एक प्रोफाइल में कोमातिरेड्डी ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि विविधता पर किसी एक पार्टी का एकाधिकार है.” अखबार ने उन्हें भारतीय प्रवासियों की बेटी बताया, जो खुद को ‘एक प्रवासी परिवार की संतान’ कहती हैं और योग्यता आधारित व्यवस्था में विश्वास रखती हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, 42 वर्षीय कोमातिरेड्डी को चुनाव में पिछड़ती हुई उम्मीदवार माना जा रहा है. वह खुद को अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली उम्मीदवार के रूप में पेश कर रही हैं और संघीय अभियोजक (फेडरल प्रॉसिक्यूटर) के रूप में अपने अनुभव को चुनाव प्रचार का प्रमुख आधार बना रही हैं.
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, कोमातिरेड्डी के चुनाव अभियान ने 9 अक्टूबर से अब तक 10 लाख डॉलर से अधिक की धनराशि जुटाई है. यह 8 अक्टूबर को लेटिशिया जेम्स के साथ हुई बहस के बाद का आंकड़ा है. इससे उन्हें टीवी विज्ञापनों पर जेम्स के अभियान से ज्यादा खर्च करने का मौका मिला है.
अखबार की ओर से बताए गए ‘सिएना पोल’ के अनुसार, कोमातिरेड्डी 13 प्रतिशत अंकों से पीछे चल रही थीं. सर्वेक्षण में जेम्स को 52 प्रतिशत और कोमातिरेड्डी को 39 प्रतिशत समर्थन मिला. वहीं, 70 प्रतिशत से अधिक संभावित मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने कोमातिरेड्डी का नाम पहले कभी नहीं सुना था.
हालांकि, कोमातिरेड्डी के अभियान के लिए 12 से 14 अक्टूबर के बीच ऑनमैसेज द्वारा कराए गए एक आंतरिक सर्वेक्षण में तस्वीर कुछ अलग दिखाई गई. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, इस सर्वेक्षण में जेम्स को 50.7 प्रतिशत और कोमातिरेड्डी को 44.7 प्रतिशत समर्थन मिला.
Monday को कोमातिरेड्डी ने पूर्व न्यूयॉर्क यांकीज खिलाड़ी मार्क टेक्सीरा के समर्थन की घोषणा भी की. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मुझे पूर्व न्यूयॉर्क यांकीज खिलाड़ी मार्क टेक्सीरा का समर्थन मिलने पर गर्व है. वह वर्ल्ड सीरीज चैंपियन, तीन बार ऑल-स्टार और पांच बार गोल्ड ग्लव विजेता रहे हैं. मार्क जानते हैं कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क कितना जरूरी है और न्यूयॉर्क को अधिक सुरक्षित बनाने के हमारे अभियान में उनका साथ मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है.”
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कोमातिरेड्डी अटॉर्नी जनरल कार्यालय में अपराध से जुड़े मामलों की पैरवी करने वाले वकीलों की संख्या को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाना चाहती हैं. फिलहाल वहां करीब 700 वकीलों में से 100 से भी कम आपराधिक मामलों पर काम कर रहे हैं.
हालांकि, उनके आलोचकों का कहना है कि यह योजना अटॉर्नी जनरल कार्यालय की वास्तविक भूमिका को सही तरह से नहीं समझती. जेम्स का समर्थन करने वाले डेमोक्रेट नेता मीका लैशर ने अखबार से कहा कि इस कार्यालय की कानूनी शक्तियां मूल रूप से दीवानी (सिविल) मामलों से जुड़ी हैं.
पूर्व न्यूयॉर्क Police आयुक्त रेमंड डब्ल्यू. केली ने भी कोमातिरेड्डी का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है. कोमातिरेड्डी के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और न्यूयॉर्क के पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी रिचर्ड डोनोह्यू ने उन्हें ‘सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों के लिए भरोसेमंद अधिकारी’ बताया.
कोमातिरेड्डी ने हार्वर्ड लॉ स्कूल से पढ़ाई की है. उन्होंने अमेरिका की अपीलीय अदालत में ब्रेट एम. कवानाघ के साथ लॉ क्लर्क के रूप में काम किया. इसके अलावा वह न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट में संघीय अभियोजक और ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन में चीफ ऑफ स्टाफ भी रह चुकी हैं.
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एवाई/पीएम


