राजस्थान में बिगड़ रही हवा की सेहत, सवाई माधोपुर का एक्यूआई सबसे खराब

jaipur, 7 नवंबर . सर्दियों के आगमन के साथ Rajasthan भर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है. कई शहरों में वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गई है. नवीनतम वायु गुणवत्ता बुलेटिन के अनुसार, सवाई माधोपुर राज्य का सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा है, जिसका वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 306 है.
सवाई माधोपुर का एक्यूआई ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में है, जिसमें पीएम2.5 को प्राथमिक प्रदूषक के रूप में पहचाना गया है. इससे श्वसन संबंधी स्वास्थ्य, विशेष रूप से संवेदनशील समूहों के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं.
कई अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता खराब पाई गई है. बीकानेर का एक्यूआई 273 दर्ज किया गया, इसके बाद दौसा (232), चूरू (231), सीकर (227), नागौर (225), अलवर (224), झुंझुनू (224), करौली (215), श्री गंगानगर (213), जैसलमेर (210) और jaipur (207) का स्थान रहा. बीकानेर में पीएम10 को प्रमुख प्रदूषक के रूप में पहचाना गया.
कई शहरों में प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी में रहा, जहां एक्यूआई 101 से 200 के बीच था. टोंक में एक्यूआई 196, जोधपुर में 192, हनुमानगढ़ में 186, डीग में 185, पाली में 184 और भरतपुर में 179 दर्ज किया गया. झालावाड़, कोटा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भीलवाड़ा, उदयपुर और सिरोही सहित अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर मध्यम रहा.
मानक एक्यूआई वर्गीकरण के अनुसार, 201 से 300 के बीच का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है और इससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, खासकर श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों में. 301 से 400 के बीच का एक्यूआई स्तर ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में आता है और लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं.
बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और अस्थमा, फेफड़े और हृदय रोग से पीड़ित लोग बिगड़ती वायु गुणवत्ता के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं. राज्य भर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण, अधिकारियों ने निवासियों को सलाह दी है कि वे लंबे समय तक बाहर न निकलें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां वायु गुणवत्ता खराब और अत्यंत खराब है.
दिल्ली-एनसीआर में खराब वायु गुणवत्ता के कारण, Rajasthan Government ने राष्ट्रीय राजधानी के निकट स्थित अपने जिलों में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.
–
एमएस/


