अमृतसर में पुलिस-बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई, दो पिस्टल और 1.986 किलो हेरोइन बरामद

अमृतसर, 7 नवंबर . भारत-Pakistan सीमा से सटे अमृतसर के इलाकों में नशा और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ Police और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने कार्रवाई तेज कर दी है. अलग-अलग मामलों में Police ने दो पिस्टल और एक खाली मैगजीन बरामद की है जबकि बीएसएफ ने दो स्थानों से करीब दो किलो हेरोइन जब्त की है.
जानकारी के अनुसार घरिंडा Police ने अवैध हथियार रखने के मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को नामजद किया है. Police ने इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल और एक खाली मैगजीन बरामद हुई है. Police गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि हथियारों की सप्लाई और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके. मामले में तीसरे आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
उधर, बीएसएफ ने लोपोके थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए हेरोइन की दो खेप बरामद की. पहली कार्रवाई में जवानों ने पैकेट सहित 1 किलो 74 ग्राम वजन की खेप जब्त की. जांच के दौरान इसमें 1 किलो 6 ग्राम हेरोइन और 68 ग्राम पैकेजिंग सामग्री पाई गई. इस मामले में Pakistanी तस्कर को अज्ञात आरोपी के रूप में नामजद किया गया है.
बीएसएफ की दूसरी कार्रवाई में पैकेट सहित 1 किलो 110 ग्राम वजन की खेप बरामद की गई. जांच करने पर इसमें 980 ग्राम हेरोइन और 130 ग्राम पैकेजिंग सामग्री मिली. इस मामले में भी तस्कर की पहचान नहीं हो सकी है. Police ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
हेरोइन बरामदगी के दोनों मामले लोपोके थाना क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं. Police अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीले पदार्थों की खेप कहां से भेजी गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था. वहीं, हथियार बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. सीमा पार से नशे और हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं.
वहीं, इससे पहले Tuesday को अमृतसर कमिश्नरेट Police ने अवैध हथियारों और नशे की सप्लाई करने वाले तीन अलग-अलग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल, 2 हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन और 33 कारतूस बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों का इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने के लिए करते थे. रंगदारी की मांग को लेकर लोगों के घरों और दुकानों पर फायरिंग की जाती थी, ताकि इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर उन्हें अपनी धमकियों के आगे झुकने के लिए मजबूर किया जा सके.
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एसएके/पीएम


