राजस्थान: कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, 2027 तक पूरा करने के निर्देश

jaipur, 5 नवंबर . Rajasthan के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने Thursday को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य एक साथ चलाए जाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर एयरपोर्ट का निर्माण पूरा हो सके.
Governmentी सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति पर संतोष जताया. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से बेहतर समन्वय के साथ काम करने और तय समय पर निर्माण कार्य पूरा करने को कहा.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रनवे, यात्री टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण क्रमवार नहीं बल्कि एक साथ किया जाना चाहिए.
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि एयरपोर्ट निर्माण परियोजना को 4 अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आधुनिक विमानन सुविधाओं और यात्री सेवाओं से लैस किया जाएगा. प्रस्तावित यात्री टर्मिनल भवन 20,000 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा और इसमें प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने की क्षमता होगी.
टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और बैगेज क्लेम कैरोसेल भी लगाए जाएंगे.
आधुनिक हवाई यातायात प्रबंधन के लिए जी प्लस 3 मंजिला तकनीकी भवन का निर्माण किया जाएगा, जहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सुविधाएं संचालित होंगी. एयरपोर्ट सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक समर्पित फायर स्टेशन भी बनाया जाएगा.
एयरपोर्ट में नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत 1 मेगावाट पीक (एमडब्ल्यूपी) क्षमता का ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट की वार्षिक ऊर्जा जरूरत का लगभग 25 प्रतिशत पूरा किया जा सकेगा.
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 250 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता का मूविंग बेड बायोफिल्म रिएक्टर (एमबीबीआर) आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा. यह संयंत्र जीरो डिस्चार्ज सिस्टम पर आधारित होगा.
यात्रियों और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए एयरपोर्ट को जोड़ने वाली छह लेन की पहुंच सड़क भी विकसित की जाएगी.
इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर में 300 कारों और 70 टैक्सियों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी. इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे.
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एएमटी/डीकेपी


