दिल्ली के प्रदूषण के लिए केंद्र और राज्य सरकार बराबर जिम्मेदार: प्रमोद तिवारी

प्रयागराज, 7 नवंबर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर भाजपा Government पर निशाना साधा है. उन्होंने दिल्ली Government के चुनावी वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदूषण खत्म करने का वादा करने वाली Government के कार्यकाल में हवा और यमुना का पानी पहले से अधिक जहरीला हो गया है. उन्होंने इसके लिए दिल्ली Government और केंद्र Government दोनों को बराबर जिम्मेदार ठहराया.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने से बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए थे, तब भाजपा ने प्रदूषण खत्म करने का वादा किया था. उन्होंने उत्तर प्रदेश और Haryana का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों के कई इलाके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आते हैं. दिल्ली Government ने वायु प्रदूषण और यमुना के प्रदूषण को समाप्त करने का भरोसा दिया था, लेकिन आज दोनों की स्थिति और भी खराब हो गई है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में ट्रिपल इंजन की Government है. नगर निगम, दिल्ली Government और केंद्र Government- तीनों जगह भाजपा का शासन है. इसके बावजूद प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government जनता से झूठे वादे कर रही है और लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही है. दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों की जीवन प्रत्याशा घट रही है और बीमारियां बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए दिल्ली Government के साथ-साथ India Government भी बराबर की जिम्मेदार है.
कांग्रेस सांसद ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भाजपा Government ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की व्यवस्था लागू की है. आम लोगों की शिकायत है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है. उन्होंने कहा कि एक आम आदमी बड़ी मुश्किल से कार खरीद पाता है. ऐसे में अगर उसकी गाड़ी का माइलेज कम होता है तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के वाहनों के इंजनों पर पड़ने वाले प्रभाव की भी जांच होनी चाहिए. प्रमोद तिवारी ने इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि Supreme Court के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में इन आरोपों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर संविधान की मूल भावना के विपरीत काम करने और धर्म के आधार पर समाज को बांटने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दिया गया है, लेकिन भाजपा धर्म के आधार पर समाज को विभाजित कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चल रही है. इससे देश का सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है और समाज में बिखराव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों को भी अपनी इस नीति के कारण देश छोड़ना पड़ा था और एक दिन भाजपा को भी सत्ता से जाना पड़ेगा.
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एसएके/एएस


