बाबिल खान को पसंद नहीं दिखावा, बोले-गिफ्ट से ज्यादा मायने रखती है उसके पीछे की भावना

Mumbai , 7 नवंबर . Actor बाबिल खान का कहना है कि दीपावली के अवसर पर वे गिफ्ट्स मिलने पर वह अपनी प्रतिक्रिया नहीं छिपा पाते हैं, खासकर सोन पापड़ी के डिब्बे जो हर दीपावली घर-घर पहुंच जाते हैं.
Actor ने के साथ बातचीत में बताया कि वो हर गिफ्ट के पीछे की सोच और शुभकामनाओं को गिफ्ट से ज्यादा उसके महत्व पर ध्यान देते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हर किसी ने पासिंग-द-पार्सल वाले रॉक-हार्ड, नियॉन-ग्लेज्ड सोन पापड़ी के डिब्बे का सामना किया है. उस डिब्बे को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे कि वो लिविंग रूम तक पहुंचने से पहले तीन पोस्टल कोड से होकर गुजरा है.”
Actor ने बताया कि उन्हें किसी भी चीज का दिखावा करना पसंद नहीं है. उन्होंने कहा, “मेरा चेहरा ऐसा है, जिसे देखकर आधे सेकंड में ही लोग सब कुछ बता देते हैं. समय के साथ मुझे एहसास हुआ है कि भले ही कोई गिफ्ट ऐसा न हो जिसे मैं खुद इस्तेमाल करूं लेकिन किसी के द्वारा कुछ रैप करके भेजने और शुभकामनाएं देने के पीछे की भावना सच में दिल को छू जाती है, तो भले ही गिफ्ट मुझे अंदर ही अंदर हंसा दे लेकिन उसके पीछे की गर्मजोशी के लिए आभार पूरी तरह से सच्चा होता है.”
उन्होंने दीपावली के अवसर पर मनाए जाने वाली परंपरा को लेकर कहा, “मेरे लिए दिपावली हमेशा से शांत, रस्मों से जुड़ी रही है, न कि तेज शोर-शराबे से. हर साल, बिना किसी चूक के मैं मम्मा के साथ मिलकर सरसों के तेल और रुई की बत्ती वाले पारंपरिक मिट्टी के दीये सजाता हूं और बिना जल्दबाजी के कुछ घंटे मां के साथ बिताता हूं.”
जब उनसे पूछा गया कि इस दीपावली वो कौन सी एक चीज पीछे छोड़ना चाहते हैं और कौन सी एक चीज का स्वागत करना चाहते हैं, तो बाबिल ने जवाब दिया, “ओवरथिंकिंग. इस काम में, हर कमरे में ‘पर्याप्त’ होने का अंदरूनी दबाव महसूस करना बहुत आसान है. मैं उस आत्म-संदेह को अंधेरे में छोड़ना चाहता हूं.”
उन्होंने कहा, “जमीन से जुड़ी शांति और कमजोरी में निडरता. मैं अपनी क्रिएटिव जर्नी में भरोसे की गहरी भावना, अपने प्रियजनों के साथ और ज्यादा हंसी, और बिना असफल होने के डर के कलात्मक जोखिम उठाने का साहस अपनाना चाहता हूं.”
–
एनएस/पीएम


