यूपी चुनाव 2027: ओवैसी पर नसीम सिद्दीकी का निशाना, बोले- जनता को सावधान रहने की जरूरत

Mumbai , 23 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर Political सरगर्मियां तेज हो रही हैं. Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव की जेल में सपा नेता आजम खान से मुलाकात और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की यूपी की राजनीति में सक्रियता को लेकर चर्चाएं जारी हैं. इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता नसीम सिद्दीकी ने ओवैसी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने ओवैसी की पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ बताते हुए आरोप लगाया कि वह मुस्लिम वोटों को बांटने के लिए ही आते हैं.
से बातचीत में नसीम सिद्दीकी ने सपा नेता आजम खान से अखिलेश यादव की मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि आजम खान Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता हैं और पूर्व Chief Minister मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित करने के लिए जज्बाती मुद्दे उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बिहार और बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को सावधान रहने की जरूरत है.
उन्होंने यूपी चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने के लिए Samajwadi Party और कांग्रेस को मिलकर काम करना चाहिए. यूपी में Samajwadi Party की Political पकड़ मजबूत है, इसलिए कांग्रेस को गठबंधन में छोटे भाई की भूमिका स्वीकार करनी चाहिए. यदि कांग्रेस अलग चुनाव लड़ती है, तो उसे राज्य में अपेक्षित सफलता हासिल करने में मुश्किल हो सकती है. दो से चार सीटों तक पहुंचना संभव हो सकता है, लेकिन इतनी सीमित Political मौजूदगी के आधार पर 40 सीटों तक पहुंचना आसान नहीं होगा.
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की संभावित चुनावी रणनीति पर सिद्दीकी ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि मायावती भाजपा के विरोध में विपक्षी गठबंधन के साथ रह सकती हैं.
उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव का जिक्र करते हुए नसीम सिद्दीकी ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्र Government उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है.
India में विरोध प्रदर्शनों और विदेशी हस्तक्षेप से जुड़े सवाल पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि देश में आंदोलन का स्वरूप India की जनता, संविधान और संसद तय करेंगे. उन्होंने कहा कि India गांधीजी के अहिंसा के सिद्धांत में विश्वास रखता है, इसलिए यहां विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए. India के आंदोलनों को अराजक बताकर देश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
फिल्म स्टार टाइगर श्रॉफ के मामले पर सिद्दीकी ने Government की आलोचना की. उन्होंने बाबा सिद्दीकी की हत्या का जिक्र करते हुए सवाल किया कि मामले में कितने आरोपियों को पकड़ा गया है और क्या जांच के जरिए सभी जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि Government को चाहिए कुछ लोगों को पकड़ने के बजाय इसके पीछे जो मास्टरमाइंड है, उसे पकड़ा जाए.
नसीम सिद्दीकी ने प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की तस्वीरों को लेकर उठे विवाद पर कहा कि प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है. रेहान वाड्रा को उनके पारिवारिक और Political संबंधों के कारण निशाना बनाया जा रहा है.
नियमों को लेकर उन्होंने कहा कि कानून और नियम जनता के हित में होने चाहिए, न कि किसी व्यक्ति को मनमाने ढंग से शामिल करने या बाहर रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने चाहिए.
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आरोप लगाया कि इसके नाम पर वोटों की चोरी होती है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की विपक्ष की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वह इस मांग के पक्ष में हैं.
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डीकेएम/वीसी


