
New Delhi, 18 सितंबर . राजधानी में सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली Police ने कमर कस ली है. इस कड़ी में Thursday को Police मुख्यालय (पीएचक्यू) के विमर्श हॉल में महिला एवं बाल विशेष Police इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) के स्पेशल कमिश्नर की अध्यक्षता में सभी जिला डीसीपी के साथ ‘शिष्टाचार’ एंटी-ईव टीजिंग स्क्वॉड के कामकाज को लेकर अहम बैठक हुई.
बैठक में तय किया गया कि जिलावार शिष्टाचार स्क्वॉड को और मजबूत किया जाएगा और संवेदनशील व भीड़-भाड़ वाले इलाकों में उनकी मौजूदगी बढ़ाई जाएगी. इन स्क्वॉड को खास तौर पर सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले छोटे-मोटे अपराधों को रोकने, बचाव करने और तुरंत कार्रवाई करने के लिए समर्पित टीमों के रूप में गठित किया जाना है.
बैठक में जिला डीसीपी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में हॉटस्पॉट और संवेदनशील इलाकों की नियमित पहचान और मैपिंग करें. स्क्वॉड की तैनाती व्यवस्थित तरीके से की जाएगी ताकि संवेदनशील जगहों पर संवेदनशील समय के दौरान नियमित कवरेज मिल सके. जिलों को संवेदनशील जगहों पर नियमित गश्त और रोकथाम अभियान चलाने और व्यापक कवरेज के लिए तैनाती में बदलाव करते रहने को कहा गया है.
Police ने बताया कि स्क्वॉड को रोकथाम, हस्तक्षेप और पीड़ितों की सहायता जैसे कई तरीकों को अपनाना होगा. अपराधियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए जरूरत पड़ने पर सादे कपड़ों में महिला Policeकर्मियों को ‘डिकॉय’ के तौर पर भी तैनात किया जाएगा.
बैठक में सार्वजनिक परिवहन में चेकिंग और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया. स्क्वॉड को सलाह दी गई कि वे बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों में औचक निरीक्षण करें, ड्राइवरों, कंडक्टरों और यात्रियों से बातचीत कर बार-बार समस्या पैदा करने वालों की पहचान करें और घटनाओं की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करें.
इसके अलावा आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि संवेदनशील जगहों की पहचान और सामुदायिक सतर्कता को मजबूत किया जा सके.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिष्टाचार स्क्वॉड के लिए चुने गए कर्मी संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और खुद से प्रेरित होने चाहिए. स्क्वॉड को सख्ती से कानून लागू करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पीड़ितों को अनावश्यक सार्वजनिक जांच या शर्मिंदगी से बचाया जाए.
Police का कहना है कि ‘शिष्टाचार’ पहल का मकसद सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि लगातार एहतियाती Policeिंग, Police की मौजूदगी, समुदाय से जुड़ाव और तुरंत कार्रवाई के जरिए महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल बनाना है. सभी जिलों के डीसीपी को इन स्क्वॉड के कामकाज पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
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एससीएच/वीसी