
जमशेदपुर, 4 अक्टूबर . चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण और मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना के खिलाफ जमशेदपुर के गोलमुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने पूरे मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
डॉ अजय कुमार ने social media मंच पर शिकायत की जानकारी साझा करते हुए चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन, मतदाता पंजीकरण से जुड़े स्थानीय अधिकारियों की वैधानिक शक्तियों और मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी आंकड़ों से जुड़ी व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि चुनावी नेटवर्क और मतदाता पंजीकरण नेटवर्क के माध्यम से आंकड़ों को केंद्रीय स्तर पर एकत्रित और नियंत्रित किया जा रहा है. उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने चुनावी आंकड़ों से जुड़ी व्यवस्था में निजी कंपनी टीसीएस की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की है. हालांकि, मतदाता सूची से कितने नाम हटाए गए और इस प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
इसी तरह टीसीएस की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इन बिंदुओं पर Police जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. डॉ. अजय कुमार ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन से जुड़े अधिकारियों की वैधानिक भूमिका महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है, इसलिए मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए. उन्होंने शिकायत में चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन, स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका, मतदाता सूची में कथित बदलाव और संबंधित तकनीकी व्यवस्था की जांच की मांग की है.
डॉ अजय कुमार ने कहा कि उन्होंने Police से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े इस मुद्दे पर वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे.
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एसएनसी/डीकेपी