
Patna, 10 सितंबर . बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने Thursday को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के मामले में 29 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. यह कार्रवाई 8 सितंबर को New Delhi में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के समीप बिहार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर की गई है.
बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव की ओर से जारी नोटिस में संबंधित नेताओं से 72 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. नेताओं को बताना होगा कि उनके खिलाफ पार्टी के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.
अनुशासन समिति ने नोटिस में कहा कि New Delhi में आयोजित धरना-प्रदर्शन में संबंधित नेताओं की सक्रिय भागीदारी पार्टी की नीति, अनुशासन और निर्देशों का उल्लंघन है. समिति ने इस गतिविधि को घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है. नोटिस में संबंधित नेताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित पक्ष बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के समक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.
समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 72 घंटे की अवधि में किसी नेता का स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है या दिया गया जवाब असंतोषजनक पाया जाता है तो संबंधित नेताओं के खिलाफ पार्टी के नियमों के अनुसार एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. पार्टी की इस कार्रवाई को बिहार कांग्रेस में चल रही आंतरिक खींचतान के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
New Delhi में आयोजित प्रदर्शन के जरिए प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जताया गया था. अब प्रदर्शन में शामिल नेताओं को नोटिस जारी किए जाने से प्रदेश कांग्रेस के भीतर विवाद और तेज होने के संकेत हैं. कारण बताओ नोटिस पाने वाले 29 नेताओं में पूर्व विधायक अनिल सिंह, पूनम देवी, कांग्रेस नेता विधूशेखर पांडेय, India भूषण दूबे, सत्येंद्र यादव और मृत्युंजय सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं.
अनुशासन समिति के फैसले के बाद अब संबंधित नेताओं के जवाब पर नजर रहेगी. उनके स्पष्टीकरण के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगी.
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एमएनपी/डीकेपी