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Saturday, 31 October 2026
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‘बनासकांठा के किसान खुद आलू को सोना बना रहे हैं’, पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

‘बनासकांठा के किसान खुद आलू को सोना बना रहे हैं’, पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

भीलड़ी, 30 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने Friday को कहा कि Gujarat के बनासकांठा जिले के किसानों ने इस क्षेत्र को आलू उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत नहीं है, जो आलू से सोना बनाने का वादा करे, क्योंकि वे अपने काम के जरिए पहले से ही ऐसा कर रहे हैं.

क्षेत्र की कृषि प्रगति का जिक्र करते हुए Prime Minister मोदी ने कहा कि नर्मदा के पानी की उपलब्धता और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने से बनासकांठा का कृषि परिदृश्य बदल गया है.

उन्होंने भीलड़ी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “बनासकांठा के आलू अब पूरी दुनिया में मशहूर हैं. किसी को यहां आकर यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे आलू से सोना बना देंगे. यहां के लोग खुद कह सकते हैं कि वे पहले से ही ऐसा कर रहे हैं.”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 नवंबर, 2017 को पाटन जिले में अपने भाषण में “आलू अंदर, सोना बाहर” का जिक्र किया था.

Prime Minister ने सनादर स्थित आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का भी जिक्र किया, जहां फ्रेंच फ्राइज बनाए जाते हैं. उन्होंने कहा, “विस्तार से संयंत्र की क्षमता बढ़ेगी और किसानों से अधिक आलू खरीदे जा सकेंगे.”

उम्मीद है कि यह सुविधा कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर आलू उत्पादकों के लिए एक अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराएगी. यह विस्तार Prime Minister मोदी की बनासकांठा यात्रा के दौरान उद्घाटन की गई परियोजनाओं में से एक था.

उन्होंने बनास डेयरी सहकारी समिति की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इसका काम Gujarat से आगे बढ़कर देश के अन्य हिस्सों में सहकारी आंदोलन में योगदान दे रहा है, जिसमें उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है.

उन्होंने कहा, “डेयरी के अनुभव और सेवाओं से उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को भी लाभ हुआ है.”

Prime Minister ने Government के बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम का जिक्र किया, जिसके तहत टमाटर, आलू, मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोकोआ सहित फसलों के लिए 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं.

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नए बाग लगाने और मौजूदा बागों को पुनर्जीवित करने में सहायता करना है, जिसके लिए सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है.

इनमें से दो क्लस्टर उत्तरी Gujarat में हैं और इनसे बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है. ये परियोजनाएं बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों के लिए मूल्य श्रृंखला को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिसके तहत खेती को प्रसंस्करण और बाजारों से जोड़ा जाएगा.

Prime Minister मोदी ने किसानों से पानी और बिजली बचाने का भी आग्रह किया और याद दिलाया कि Gujarat के Chief Minister के रूप में अपने शुरुआती वर्षों में जब उन्होंने किसानों से इन संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने को कहा था, तब उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था.

उन्होंने कहा, “नर्मदा के पानी की उपलब्धता और सूक्ष्म सिंचाई ने पहले की बाधाओं को दूर करने में मदद की है और क्षेत्र की कृषि संभावनाओं को बदल दिया है.”

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एएसएच/एबीएम

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