अपने शहजादे को खुश करने के लिए मॉक पार्लियामेंट का राजनीतिक तमाशा कर रही कांग्रेस: सुधांशु त्रिवेदी

New Delhi, 31 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने Saturday को New Delhi में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट ने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India की गरीबी घटाने में मिली सफलता को स्वीकार किया है.
रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2023 के बीच अत्यधिक गरीबी 27.6 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई और 84 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन 400 रुपये से अधिक कमाती है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा और एनडीए Government गरीबी उन्मूलन तथा जीवन स्तर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस और राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि India में अराजकता उत्पन्न करने के अपने मंसूबों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने बिगड़े दिल शहजादे के दिल को सुकून देने के लिए एक फसाने की संसद यानी मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया है, लेकिन इस फसाने के आयोजन के समय एक जोरदार हकीकत विश्व बैंक की ओर से देश के सामने आई है.
विश्व बैंक ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में कहा है कि India ने 2011 से 2023 के बीच गरीबी कम करने में सबसे तेज सफलता हासिल की है. आज India में केवल 2.6 प्रतिशत लोग ही गंभीर गरीबी की श्रेणी में आते हैं, जबकि 10 साल पहले यह आंकड़ा 27 प्रतिशत से अधिक था. विश्व बैंक ने यह भी बताया है कि करीब 13-14 साल पहले India की 57 प्रतिशत आबादी की प्रतिदिन की आमदनी 2 डॉलर से कम थी, जबकि आज भारतीय मुद्रा के हिसाब से प्रतिदिन 400 रुपये से कम कमाने वाले लोगों की संख्या घटकर केवल 16 प्रतिशत रह गई है. यानी आज India की 84 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन 400 रुपये से अधिक कमाती है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि हकीकत यह है कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए Government देश के प्रत्येक व्यक्ति का जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए न केवल प्रतिबद्ध है, बल्कि इस दिशा में सफलता भी हासिल कर रही है. केंद्र Government ने गरीबी कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिसे विश्व बैंक की रिपोर्ट ने भी स्वीकार किया है. अगस्त 2025 में विश्व बैंक ने आर्थिक समानता को लेकर गिनी इंडेक्स जारी किया था, जिसमें India का स्कोर 22.5 था. इसके आधार पर India दुनिया के सर्वाधिक आर्थिक समानता वाले देशों में चौथे स्थान पर रहा. उस समय जी7 और जी20 के किसी भी देश में India की तुलना में आर्थिक असमानता कम थी. वास्तविकता यह है, लेकिन राहुल गांधी ने अगस्त 2013 में कहा था कि गरीबी केवल एक मानसिकता है. वहीं, डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि पैसे पेड़ों पर नहीं उगते.
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उस मानसिकता वाले नेता यानी राहुल गांधी की सोच और Prime Minister Narendra Modi की सोच में जमीन-आसमान का अंतर है. राहुल गांधी गरीबी को केवल मानसिकता मानते रहे और इसी सोच के कारण देश की एक बड़ी आबादी को अत्यधिक गरीबी में बनाए रखा. आज विश्व बैंक ने स्वीकार किया है कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India में अत्यधिक गरीबी घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गई है, जबकि पहले 27.6 प्रतिशत लोग अत्यधिक गरीबी की श्रेणी में आते थे. इस प्रकार, मॉक पार्लियामेंट का मजाक विश्व बैंक के ठोस आंकड़ों ने ही बना दिया. एक ओर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India से गरीबी हटाने के लिए काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी Prime Minister Narendra Modi को हटाने में नाकाम रहने के बाद देश में अराजकता फैलाने में जुटी है.
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग India की अर्थव्यवस्था को मृत बताने का प्रयास करते थे, वही लोग दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क को India आने का निमंत्रण देते हैं. जब एलन मस्क ने कहा कि उन्हें India में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, तो इन लोगों ने उनसे कहा, “डियर फ्रेंड एलन, कम हियर.” उन्हें कहना चाहिए था, “डियर फ्रेंड एलन, इंडिया इज ए डेड इकोनॉमी, व्हाई आर यू कमिंग हियर?” इससे स्पष्ट होता है कि India की अर्थव्यवस्था मृत नहीं है, बल्कि उनका जमीर मर चुका है. राहुल गांधी की सोचने-समझने की शक्ति पूरी तरह खत्म हो चुकी है और उनका माइंडसेट तथा सोचने का नजरिया भी मृत हो चुका है. जहां तक India के हितों की बात है, वे हमेशा India के खिलाफ ही बातें खोजते रहते हैं. कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि हकीकत क्या है और फसाना क्या है. आप कब तक फसानों में उलझे रहेंगे और अपने बिगड़े दिल शहजादे के मंसूबों को पूरा करने तथा उनके दिल को पुरसुकून करने के लिए अपने सियासी जनाजे की सजावट करते रहेंगे?
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डीएससी


