फॉर्म-7 विवाद: बीएस येदियुरप्पा की चेतावनी, भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस वापस नहीं हुई तो पूरे राज्य में होगा प्रदर्शन

Bengaluru, 3 अक्टूबर . कर्नाटक के पूर्व Chief Minister और भाजपा केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य बी.एस. येदियुरप्पा ने Saturday को चेतावनी दी कि अगर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज First Information Report वापस नहीं ली गईं, तो पार्टी पूरे राज्य में प्रदर्शन करेगी.

येदियुरप्पा ने Police महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (डीजी-आईजीपी) एम.ए. सलीम से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज First Information Report वापस लेने की मांग की.

फॉर्म-7 चुनाव आयोग का आधिकारिक फॉर्म है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है.

येदियुरप्पा ने राज्य Government पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाने और Police के जरिए उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय Political दल है और यदि उसके कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी.

उन्होंने कहा, “Chief Minister की बातों को सुनकर आप हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप लगा रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसे आज यहीं रोकना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम पूरे राज्य में प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं.”

येदियुरप्पा ने आरोप लगाया कि Chief Minister डी.के. शिवकुमार और मंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किए जाने के बाद Police Government के दबाव में कार्रवाई कर रही है.

उन्होंने शिवकुमार द्वारा धरना और सत्याग्रह किए जाने की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि Police पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया गया. येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा ने इस संबंध में डीजी-आईजीपी के समक्ष अपनी चिंता रखी है और कार्रवाई रोकने की मांग की है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा यह नहीं कह रही है कि उसके कार्यकर्ताओं द्वारा जमा किए गए हर फॉर्म-7 आवेदन को स्वीकार किया जाए. उन्होंने कहा कि जो आवेदन सही हैं, उन्हें स्वीकार किया जाए और जो सही नहीं हैं, उन्हें खारिज कर दिया जाए, लेकिन कार्यकर्ताओं को परेशान करने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

यह विवाद कर्नाटक में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आवेदन जमा किए जाने के आरोपों को लेकर शुरू हुआ है. Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने Thursday को Bengaluru स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना दिया था और कथित तौर पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए जाने की जांच और First Information Report दर्ज करने की मांग की थी.

शिवकुमार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया था कि अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पहले से भरे हुए फॉर्म-7 के जरिए कथित साजिश की गई.

इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की सभी 224 विधानसभा सीटों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी या घोषणा के साथ फॉर्म-7 सहित मतदाता सूची से जुड़े आवेदन जमा करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए.

इस मामले में Police द्वारा भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत कई लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज किए जाने के बाद भाजपा ने इसका विरोध किया है. Saturday को भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजी-आईजीपी से मुलाकात कर First Information Report की समीक्षा और कार्रवाई रोकने की मांग की.

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डीएससी

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