फिलीपींस: ओलोंगापो शहर का हीट इंडेक्स 44.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा

New Delhi, 25 अक्टूबर . देश दुनिया का मौसम तेजी से बदल रहा है. इस बीच फिलीपींस के ओलोंगापो शहर में Sunday को भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा. शहर के बारेट्टो इलाके में हीट इंडेक्स 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके बाद क्षेत्र को खतरे की श्रेणी में रखा गया. स्थानीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है.
फिलीपींस के समाचार पोर्टल ‘इनक्वायरर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बारेट्टो स्थित स्वचालित मौसम निगरानी केंद्र में Sunday सुबह हीट इंडेक्स 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, ओल्ड कैबालन इलाके के निगरानी केंद्र में सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर यह 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा. इस स्तर को ‘अत्यधिक सावधानी’ की श्रेणी में रखा गया.
हीट इंडेक्स उस तापमान को दर्शाता है, जिसका एहसास किसी व्यक्ति को हवा के तापमान और उसमें मौजूद नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण होता है इसलिए वास्तविक तापमान से कम होने के बावजूद अधिक आर्द्रता के कारण शरीर को ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है.
फिलीपींस के मौसम विज्ञान प्रशासन के अनुसार, हीट इंडेक्स के खतरे की श्रेणी में पहुंचने पर लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने से गर्मी से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है. इनमें मांसपेशियों में ऐंठन, थकावट और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक शामिल हैं.
ऐसी परिस्थितियों में लोगों को लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और संभव हो तो ठंडे या हवादार स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है. विशेष रूप से बाहर काम करने वाले लोगों को नियमित अंतराल पर आराम करने की जरूरत होती है.
ओलोंगापो में लगातार ऊंचा हीट इंडेक्स स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. बारेट्टो और ओल्ड कैबालन में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी का प्रभाव अलग-अलग हो सकता है. ऐसे में स्थानीय मौसम निगरानी और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां लोगों को जोखिम से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
फिलीपींस उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में स्थित है, जहां गर्म और आर्द्र मौसम के दौरान हीट इंडेक्स काफी बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में केवल तापमान पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि हवा में नमी और गर्मी के संपर्क में रहने की अवधि को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
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केआर/


