पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क इस सप्ताह आएंगे भारत, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती

New Delhi, 19 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi के निमंत्रण पर पोलैंड के Prime Minister डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक India की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Monday को बताया कि बतौर Prime Minister ये टस्क की दूसरी India यात्रा होगी; इससे पहले वे 2010 में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान India आए थे.
टस्क 22 अक्टूबर को Prime Minister मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे. अगस्त 2024 में Prime Minister मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान इन संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.
India यात्रा के दौरान, टस्क के साथ पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी आएगा.
दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद, Prime Minister टस्क Bengaluru जाएंगे. वहां वे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अंतरिक्ष (स्पेस) क्षेत्रों सहित विभिन्न व्यावसायिक हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे. 22 अक्टूबर को New Delhi में और 23 अक्टूबर को Bengaluru में ‘भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम’ का आयोजन किया जाएगा.
विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी. इससे व्यापार और निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. इससे भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) रणनीतिक साझेदारी को भी और गहरा करने में मदद मिलेगी.”
4 सितंबर को, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड के उप-Prime Minister और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की थी. वारसॉ में हुई इस बैठक के दौरान, उन्होंने ‘संयुक्त कार्य योजना 2024-28’ में हुई प्रगति की समीक्षा की.
बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि वारसॉ में हमने अपनी ‘संयुक्त कार्य योजना 2024-28’ की समीक्षा की. इसमें व्यापार और निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल क्षेत्र, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, शिपिंग, खनन और ऊर्जा, लोगों के बीच आपसी संबंध, संस्कृति और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया.
उन्होंने आगे लिखा कि एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) लागू होने से विश्वास है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और भी मजबूत होगा.
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