Skip to content
Saturday, 7 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
INDIA

पीओके में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमले का आरोप, 7 लोगों की मौत, 18 घायल

पीओके में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमले का आरोप, 7 लोगों की मौत, 18 घायल

इस्लामाबाद, 5 नवंबर . यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के अनुसार, Pakistan के कब्जे वाले पीओके में Thursday को Pakistanी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमले किए गए, जिसमें बच्चों समेत कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

यूकेपीएनपी ने रावलाकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने, अंधाधुंध गोलीबारी, अत्यधिक बल प्रयोग और कथित ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है.

संगठन ने प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि Thursday तड़के Pakistanी सुरक्षा बलों ने मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और रावलाकोट के अन्य स्थानों पर चल रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों को निशाना बनाया. आरोप है कि इस कार्रवाई में भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.

यूकेपीएनपी ने मृतकों की पहचान 35 वर्षीय आतिफ जरदिस, 30 वर्षीय एहतेशाम यूनिस और 32 वर्षीय आदिल राशिद के रूप में की है. संगठन ने यह भी चिंता जताई कि एक कथित ड्रोन हमले में चार बच्चों की भी जान गई हो सकती है.

संगठन के अनुसार, मटियालमेरा बस टर्मिनल के पास शकील खान का घर कथित ड्रोन हमले के बाद आग लगने से नष्ट हो गया. रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस घटना में चार बच्चों की मौत हुई हो सकती है. यूकेपीएनपी ने इन दावों की स्वतंत्र जांच की मांग की है और आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

यूकेपीएनपी ने कहा कि निहत्थे और शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल गंभीर मानवाधिकार चिंता का विषय है, जिसकी तत्काल अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए.

संगठन ने कहा, “पीओके लोग अपने मूल अधिकारों, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, संपत्ति की सुरक्षा, मानवीय गरिमा और कानून के शासन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी वैध मांगों का जवाब गोलियों, धमकियों या सामूहिक सजा से नहीं दिया जाना चाहिए.”

यूकेपीएनपी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके के रावलाकोट और अन्य प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है. संगठन ने कहा कि आगे हिंसा रोकने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवाधिकारों के सम्मान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए.

संगठन ने मांग की कि कथित हत्याओं, घायलों, ड्रोन हमलों, घरों की तबाही और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए. इसके लिए पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके, जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

यूकेपीएनपी ने Pakistan के कब्जे वाले क्षेत्र में नागरिकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर भी चिंता जताई.

हाल ही में मानवाधिकार मामलों के छह संयुक्त राष्ट्र विशेष विशेषज्ञों ने पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी. विशेषज्ञों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित Governmentी हिंसा, मौतों, गिरफ्तारियों और लंबे समय से जारी मानवाधिकार उल्लंघनों का भी उल्लेख किया था.

Pakistan Government को भेजे गए एक हालिया पत्र में संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने जेएएसी को आतंकवादी घोषित करने और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानूनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे.

पत्र में कहा गया था, “हमें चिंता है कि यह फैसला आतंकवादी संगठनों की सूची तय करने के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है. यह भी आशंका है कि जेएएसी को उसके Political, श्रमिक और मानवाधिकार संबंधी अभियानों के कारण निशाना बनाया गया हो, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन हो सकता है.”

विशेषज्ञों ने यह भी चिंता जताई कि इस निर्णय के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया, गैरकानूनी हत्याएं हुईं, मनमानी गिरफ्तारियां की गईं और संचार सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए.

–

एएमटी/डीकेपी

Share