Skip to content
Saturday, 7 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
धर्म,राष्ट्रीय

काली चौदस पर डभोडिया हनुमान मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

काली चौदस पर डभोडिया हनुमान मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

गांधीनगर, 7 नवंबर . Gujarat के गांधीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध डभोडिया स्वयंभू हनुमान मंदिर में काली चौदस के अवसर पर आस्था का महासैलाब उमड़ पड़ा. इस पावन अवसर पर 10 लाख से अधिक भक्तों ने हनुमान जी के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की. मंदिर परिसर में Saturday सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं. धनतेरस की रात 12 बजे महाआरती के साथ मेले का शुभारंभ हुआ, जो काली चौदस की रात तक चलेगा.

मंदिर के पुजारी राजूभाई मेहता ने इस अवसर पर सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और विशेष आयोजनों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि डभोडिया हनुमान मंदिर काफी प्रसिद्ध है. यहां हनुमान जी साक्षात रूप में विराजमान हैं. हर वर्ष काली चौदस पर लगभग 8 से 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और खुद को धन्य महसूस करते हैं. ऐसे में इस बार भी दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए परिसर में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं.

पुजारी ने बताया कि डभोडिया हनुमान मंदिर लगभग एक हजार साल पुराना है. यहां हनुमान जी स्वयं विराजमान हैं और डभोडा गांव के नाम पर ही उनका नामकरण डभोडिया हनुमान हुआ है. मंदिर में वर्ष में तीन बड़े महोत्सव मनाए जाते हैं. इनमें सबसे पहला हनुमान जन्मोत्सव है. इस दिन दादा की विशेष आरती, महायज्ञ और पूजा-अर्चना होती है. इस अवसर पर हनुमान जी को 1,111 टिन तेल से विशेष अभिषेक किया जाता है. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं.

दूसरा बड़ा आयोजन धनतेरस और काली चौदस पर होता है. धनतेरस की रात महाआरती के साथ मेला शुरू होता है. काली चौदस की रात 12 बजे तक मंदिर खुला रहता है. इस दौरान लगभग 8 से 10 लाख लोग दर्शन करते हैं. खास बात यह है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद दर्शन बिना किसी परेशानी और बिना किसी दुर्घटना के संपन्न होते हैं. यहां सभी ग्रामजन, ट्रस्टीगण और सेवादार सेवा में तत्पर रहते हैं और दादा के आशीर्वाद से हर कार्य सुखपूर्वक संपन्न हो जाता है.

इस बार की काली चौदस और भी विशेष मानी जा रही है. राजूभाई मेहता ने बताया कि हर वर्ष धनतेरस और काली चौदस आती है लेकिन इस बार 7 नवंबर को काली चौदस का संयोग 141 वर्षों के बाद Saturday के साथ बना है. यह अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग है. मान्यता है कि इस दिन जो भी भक्त दादा की पूजा करता है, मंत्र जाप करता है और हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसे श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है. दादा की कृपा उन पर बनी रहती है और उनके सभी कष्ट व तकलीफें दूर हो जाती हैं.

दर्शन करने आए श्रद्धालु रवि सोलंकी ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की. उन्होंने कहा कि बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है. सभी यात्री आसानी से और अच्छी तरह से दर्शन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि आरती के बाद मंदिर से मिलने वाले काले धागे का भी विशेष महत्व है. श्रद्धालु इस धागे को पूरे एक साल तक पहनते हैं और अगले वर्ष नया धागा लेते हैं.

–

पीआईएम/पीएम

Share