पाक सोशल मीडिया ने भारतीय सैनिकों और सेना प्रमुख के बारे में फैलाई झूठी अफवाह

New Delhi, 28 अक्टूबर Pakistanी social media हैंडल्स ने एक बार फिर भारतीय सेना व सेना प्रमुख के बारे में अफवाहें फैलाने की साजिश की है. Pakistanी social media हैंडल्स ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों के अपमान और सेना प्रमुख के नाइटक्लब में डांस का दावा किया. इसको लेकर social media पर भ्रामक सामग्री फैलाने का मामला सामने आया है. फैक्ट चैक में ये दावे पूरी तरीके से गलत व निराधार पाए गए हैं. दरअसल इस फर्जी social media सामग्री के जरिए भारतीय सेना की छवि खराब करने की कोशिश की गई है.
भारतीय सेना की फैक्ट चेक यूनिट के अनुसार, कई Pakistanी social media खातों से ऐसे दावे किए गए कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों को अपमान का सामना करना पड़ रहा है जबकि सेना प्रमुख नाइट क्लब में डांस करते दिखाई दे रहे हैं. इस भ्रामक प्रचार में वीडियो के मूल स्वरूप को धुंधले दृश्यों और एआई की मदद से संपादित सामग्री के जरिए बदलकर पेश किया गया. साथ ही, सेना प्रमुख की तस्वीर को वीडियो पर इस तरह लगाया गया है कि उसके साथ दिया गया भ्रामक संदेश दर्शकों को गुमराह कर सके.
इस तरीके का उद्देश्य भारतीय सेना के खिलाफ नकारात्मक धारणा बनाना है. ऐसे 10 social media खातों की पहचान की गई है. जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजकर 40 मिनट से सुबह 8 बजे के बीच एक जैसी सामग्री प्रसारित करने वाले 10 social media खातों की पहचान की गई है. इन्हें भ्रामक प्रचार के लिए अपनाया गया. इस मामले में धुंधले वीडियो, तस्वीरों को गलत संदर्भ में जोड़ने और सीमा से जुड़े दावों का इस्तेमाल करके एक भ्रामक कहानी तैयार की गई. ऐसी सामग्री देखने वाले लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि भारतीय सेना के जवानों की स्थिति खराब है और सेना का नेतृत्व इसके प्रति गंभीर नहीं है.
हालांकि यह पूरी तरह झूठ पर आधारित था. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावों के जरिए सेना के प्रति लोगों के भरोसे को प्रभावित करने और उसके खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जा सकती है. सेना का कहना है कि इसलिए social media पर किसी भी वीडियो या तस्वीर को साझा करने से पहले उसकी वास्तविकता की जांच करना जरूरी है.
संबंधित जानकारी में लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी सामग्री पर भरोसा करने या उसे आगे साझा करने से पहले मूल वीडियो और विश्वसनीय साक्ष्यों की पुष्टि करें. केवल धुंधले दृश्यों, भ्रामक तस्वीरों या बिना प्रमाण वाले दावों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.
इससे पहले भी एक ऐसे ही कुप्रयास में Pakistan social media हैंडल्स ने दावा किया था कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जवानों की तलाशी ली जा रही है. हालाँकि यह दावा भी पूरी तरह से फर्जी पाया गया है. इसके लिए Pakistanी social media हैंडल्स ने किसी और स्थान के एक पुराने व भ्रामक वीडियो का सहारा लिया था.
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जीसीबी/पीएम


