आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस रवाना

New Delhi, 27 अक्टूबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह Tuesday को New Delhi से फिलीपींस के सेबू रवाना हुए. वह यहां आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में शामिल होंगे. इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर चर्चा होगी. इसके साथ ही India और बैठक में शामिल देशों के बीच रक्षा संबंधों की समीक्षा तथा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे.
राजनाथ सिंह ने अपने दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि एडीएमएम-प्लस क्षेत्र में रक्षा और रणनीतिक मामलों पर विचार-विमर्श का प्रमुख मंच है. उन्होंने कहा कि वह इस मंच पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर India का पक्ष रखने के लिए उत्सुक हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि India अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
इस नीति के तहत India आसियान देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देता है. अपने दौरे में राजनाथ सिंह विभिन्न भागीदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इन बैठकों में India के मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के अवसरों पर विचार होगा. एडीएमएम-प्लस क्षेत्रीय देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है. इसमें India की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है.
यह बैठक फिलीपींस के सेबू में 28 और 29 अक्टूबर को होनी है. यहां आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी India की अहम भूमिका रहेगी. India इस मंच पर केवल एक भागीदार देश के रूप में ही नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. वर्ष 2024 से 2027 के कार्यकाल के लिए India और मलेशिया आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्यसमूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं. अब फिलीपींस में होने वाली इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.
यहां राजनाथ सिंह सुरक्षा चुनौतियों पर India का पक्ष रखेंगे. इस दौरान वह विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के रास्ते भी तलाशेंगे. इस बैठक का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसमें दक्षिण-पूर्व एशिया के 11 आसियान सदस्य देशों के साथ भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल होंगे. यह मंच इन देशों को रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे विचार-विमर्श करने का अवसर देता है.
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जीसीबी/पीएम


