
क्वेटा, 5 अक्टूबर . बलूच छात्रों के एक प्रमुख संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पत्र लिखकर छात्र नेता शब्बीर बलूच का पता लगाने की भावुक अपील की है. शब्बीर बलूच को एक दशक पहले Pakistanी सेना ने गायब कर दिया था. इसके साथ ही छात्र संगठन ने बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों की ओर भी ध्यान दिलाया है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी), जबरन या अनैच्छिक रूप से गायब किए गए लोगों पर संयुक्त राष्ट्र के वर्किंग ग्रुप (डब्ल्यूजीईआईडी) और वैश्विक समुदाय को लिखे एक पत्र में, बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (बीएसओ)-आजाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे Pakistanी अधिकारियों पर दबाव डालें ताकि शब्बीर बलूच और अन्य सभी Political कैदियों व बंधकों को “यातना केंद्रों” से सुरक्षित रिहा कराया जा सके.
पत्र में कहा गया, “दुनिया के लोगों, Pakistanी Government ने बलूचों पर बेरहमी जारी रखी है. इसमें बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं समेत लाखों लोगों की हत्या की गई है, चाहे वे किसी भी समूह से जुड़े हों. Pakistanी सेना कई सैन्य अभियान और नरसंहार करती रही है; सुराब, मस्तुंग और दश्त की हालिया दुखद घटनाएं इस क्रूरता को दर्शाती हैं.”
इसमें आगे कहा गया, “इसने लाखों लोगों को जबरन गायब किया है, जिनमें छात्र, शिक्षक, प्रोफेसर, डॉक्टर, वकील, पत्रकार, बुद्धिजीवी, Political और मानवाधिकार कार्यकर्ता और कई अन्य लोग शामिल हैं.”
छात्र नेता और बीएसओ आजाद के पूर्व सूचना सचिव शब्बीर के जबरन गायब किए जाने का जिक्र करते हुए समूह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2016 को बलूचिस्तान के केच जिले के ग्वारकोप इलाके से Pakistanी सुरक्षा बल पत्नी जरीना बलूच के सामने ही उन्हें जबरन उठा कर ले गए थे.
समूह ने कहा कि तब से उनकी बहन और पत्नी शब्बीर की सुरक्षित रिहाई के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उन्हें उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
पत्र में आगे कहा गया, “शब्बीर बलोच की गुमशुदगी को एक दशक हो चुका है, लेकिन परिवार और दोस्तों को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. इसी तरह, यह संगठन भी Pakistanी Government के मुख्य निशाने पर रहा है; हमारे कई नेता और कार्यकर्ता, जिनमें पूर्व अध्यक्ष जाहिद बलोच, उपाध्यक्ष जाकिर मजीद बलोच, संयुक्त सचिव असद बलोच और अन्य को जबरन उठा कर ले जाया गया.”
शब्बीर के गायब होने की 10वीं बरसी पर, कई प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने Pakistanी अधिकारियों से उनके ठिकाने का खुलासा करने की मांग की.
शब्बीर की गुमशुदगी पर चिंता जताते हुए, बलोचिस्तान की मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने कहा, “पिछले एक दशक में, उनके परिवार ने हर उपलब्ध कानूनी रास्ता अपनाया है, फिर भी अधिकारी उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी देने में नाकाम रहे हैं. Government को यह बताना चाहिए कि वह कहां हैं और उनके परिवार को वह सच और न्याय देना चाहिए जिसके वे हकदार हैं.”
इसके अलावा, बलोच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने Pakistanी अधिकारियों से शब्बीर के ठिकाने का खुलासा करने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके मौलिक अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “उनके परिवार को सच, न्याय और जवाबदेही का अधिकार है.”
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केआर/