सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हमले की भारत ने की आलोचना, आमजन को न‍िशाना बनाना स्‍वीकार्य नहीं

नई द‍िल्‍ली, 8 अक्टूबर . India ने सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हुए अलग-अलग हमलों की कड़ी न‍िंदा की. सऊदी अधिकारियों के मुताब‍िक इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई जबक‍ि 36 अन्य घायल हो गए. India ने इस मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ एकजुटता की बात कही.

भारतीय व‍िदेश मंत्रालय ने कहा कि India पिछले कुछ दिनों में आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा करता है. इन हमलों में आम लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.

विदेश मंत्रालय ने हमलों का व‍िरोध जताते हुए कहा क‍ि आम नागरिकों से जुड़ी जगहों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताते हैं, जिन्होंने इन हमलों में अपने प्रियजनों को खोया है. साथ ही, हम घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. India इस मुश्किल समय में सऊदी अरब की जनता और Government के साथ एकजुटता से खड़ा है.

समाचार एजेंसी स‍िन्‍हुआ की र‍िपोर्ट के अनुसार, सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने बताया कि इन हमलों में Tuesday और Wednesday को दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया और दोनों जगहों पर संपत्ति का नुकसान हुआ.

इससे पहले Wednesday को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा था कि कई ड्रोन से किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया. वहीं, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दक्षिण-पश्चिमी असीर इलाके में खामिस मुशैत के पास स्थित किंग खालिद एयर बेस पर हमला किया गया.

इस बीच, Wednesday को ही सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने हूती व‍िद्रोह‍ियों की दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया. इनमें से एक मिसाइल रियाद के उत्तर में रोकी गई जबकि दूसरी दक्षिण-पश्चिमी सऊदी शहर खामिस मुशैत की ओर जा रही थी.

वहीं, सऊदी बलों ने हवाई हमले तेज कर दिए हैं. हूती समूह का दावा है कि सना, ताइज, सादा, अल-जौफ, मारिब और अमरान में कुल 156 हवाई और मिसाइल हमले किए गए हैं.

हाल के ये संघर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद की सबसे बड़ी बढ़ोतरी माने जा रहे हैं. उस संघर्षविराम के बाद युद्ध से जूझ रहे यमन में बड़े स्तर की लड़ाई काफी हद तक रुक गई थी.

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एवाई/पीएम

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