
कोलकाता, 15 सितंबर . पश्चिम बंगाल Government ने चार जिलों के Governmentी स्कूलों में मिड-डे मील परोसने के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन को दी गई मंजूरी वापस ले ली है.
अक्षय पात्र फाउंडेशन इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन का एक हिस्सा है.
जिन चार जिलों में पश्चिम बंगाल Government ने मंजूरी वापस ली है, वे उत्तर 24 परगना, हावड़ा, पुरुलिया और पूर्वी मिदनापुर हैं. पूर्वी मिदनापुर Chief Minister सुवेंदु अधिकारी का गृह जिला भी है.
राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ के एक अधिकारी ने बताया कि इस मंजूरी को वापस लेने के बाद, स्कूल परिसर के अंदर ही मिड-डे मील पकाने और परोसने की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाएगी. हालांकि, इस्कॉन का ही एक और हिस्सा, ‘अन्नमृत फाउंडेशन’, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले Governmentी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करना और परोसना जारी रखेगा.
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, इस्कॉन को स्कूली छात्रों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शुरुआत में, इस संगठन ने केएमसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में मिड-डे मील देना शुरू किया था. इसके बाद राज्य Government ने घोषणा की थी कि अगर यह प्रोजेक्ट कोलकाता में सफल रहता है, तो इसे पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में भी बढ़ाया जाएगा.
इसके बाद, हावड़ा, पुरुलिया, उत्तर 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों के स्कूलों में मिड-डे मील उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन के अक्षय पात्र फाउंडेशन को दी गई थी. हालांकि, इसके शुरू होने से पहले ही राज्य Government ने मंजूरी वापस लेने का फैसला कर लिया. मंजूरी वापस लेने के इस अचानक लिए गए फैसले पर अधिकारी Government की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है.
शुरुआत में, पश्चिम बंगाल के Governmentी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए इस्कॉन द्वारा परोसे जाने वाले भोजन को मंजूरी देने के राज्य Government के फैसले की विपक्षी दलों और नागरिक समाज ने कड़ी आलोचना की थी. उनका तर्क था कि इस्कॉन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले शाकाहारी भोजन से छात्र अंडे जैसे मांसाहारी और प्रोटीन से भरपूर आहार से वंचित रह जाएंगे. हालांकि, जब Chief Minister ने घोषणा की कि इस्कॉन के शाकाहारी भोजन के अलावा मिड-डे मील में अलग से अंडे भी दिए जाएंगे, तो आलोचनाएं बंद हो गईं. इसके साथ ही, मिड-डे मील योजना के लिए बजट आवंटन भी बढ़ा दिया गया.
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एएसएच/पीएम