
कोलकाता, 28 अगस्त . पश्चिम बंगाल Government ने Friday को राज्य के एक कोने से दूसरे कोने में स्थानांतरित होने वाले Governmentी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण भत्ते का नया फार्मूला घोषित किया.
social media पर एक बयान जारी कर Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह नया स्थानांतरण भत्ता फार्मूला (समग्र स्थानांतरण एवं पैकिंग अनुदान) राज्य Government के कर्मचारियों के लिए दशकों पुरानी स्थानांतरण भत्ता प्रणाली का स्थान लेगा.
उनके अनुसार, नए स्थानांतरण फार्मूले के तहत, वित्तीय राहत एकमुश्त अनुदान के रूप में दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह राशि अधिकतम 50,000 रुपए या मूल वेतन का 80 प्रतिशत में से जो भी कम हो, वो होगी. संबंधित कर्मचारियों को स्थानांतरण भत्ता राशि प्राप्त करने के लिए कोई रसीद प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी.
अपने बयान में, Chief Minister ने नए स्थानांतरण भत्ता फार्मूले के दायरे का विस्तृत विवरण दिया. उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके वर्तमान पोस्टिंग स्थान से 30 किलोमीटर या उससे अधिक की दूरी पर होगा, वे प्रस्तावित स्थानांतरण भत्ते की पूरी राशि के हकदार होंगे. इसके विपरीत, 30 किलोमीटर से कम दूरी पर स्थानांतरित होने वालों को राशि का एक तिहाई हिस्सा मिलेगा.
Chief Minister ने आगे कहा कि नई स्थानांतरण योजना सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भी लागू होगी जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने पैतृक स्थानों पर जाते हैं.
अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल Government अपने समर्पित राज्य Governmentी कर्मचारियों के कल्याण और खुशहाली के प्रति दृढ़ संकल्पित है, जो पश्चिम बंगाल की जनता की सेवा में अथक परिश्रम करते हैं. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य मंत्रिमंडल ने दशकों पुरानी स्थानांतरण अनुदान और पैकिंग भत्ता प्रणाली के स्थान पर सरलीकृत और बेहतर समग्र स्थानांतरण और पैकिंग अनुदान लागू करने को मंजूरी दे दी है.
राज्य Government के कर्मचारियों, विशेषकर सेवानिवृत्ति के कगार पर खड़े कर्मचारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. उनका दावा था कि पूर्व स्थानांतरण भत्ता इतना कम था कि वह स्थानांतरण लागत के एक छोटे से हिस्से को भी कवर नहीं कर पाता था.
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एमएस/