
अमरावती, 5 सितंबर . वाईएसआरसीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने Saturday को मौजूदा Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू पर जिला चयन समिति (डीएससी) 2025 भर्ती घोटाले और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली राज्य Government की अन्य ‘विफलताओं’ को लेकर उठाए जा रहे सवालों को ‘सेंसर’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि नायडू ‘social media अकाउंट ब्लॉक’ कर रहे हैं और ‘पोस्ट डिलीट’ कर रहे हैं.
जगन मोहन रेड्डी ने कथित परीक्षा अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग की और कथित घोटाले के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की.
social media प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, वाईएससीआरसीपी प्रमुख ने कहा कि डीएससी 2025 भर्ती घोटाला दिन-प्रतिदिन उजागर हो रहा है, राज्य के विभिन्न हिस्सों से नए सबूत और तथ्य सामने आ रहे हैं, जो गंभीर अनियमितताओं को प्रकट कर रहे हैं और ऐसे सवाल खड़े कर रहे हैं जिनका जवाब एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी गठबंधन Government को देना होगा. इन सवालों का जवाब देने और सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच पर सहमत होने के बजाय, टीडीपी गठबंधन Government स्वतंत्र जांच से इनकार कर रही है और इन सवालों को उठाने वाली आवाजों को दबाने का विकल्प चुन रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा के social media प्लेटफॉर्म, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डीएससी भर्ती घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने वाले विपक्षी दलों, मीडिया प्लेटफॉर्म, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यक्तियों के social media पोस्ट और खातों को प्रतिबंधित, हटाया या भौगोलिक रूप से अवरुद्ध किया जा रहा है, जिसका कारण मेटा द्वारा कानूनी आवश्यकताएं बताया जा रहा है.
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आगे कहा कि टीडीपी गठबंधन Government पर भ्रष्टाचार, नाकामियों, सुपर सिक्स और सुपर सेवन के चुनावी घोषणापत्रों के वादों के उल्लंघन, मनमानी या सत्ता के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है.
अभिव्यक्ति के अधिकार का हवाला देते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि जब आप सवालों के जवाब नहीं दे सकते, तो आप सवाल पूछने वालों को चुप करा देते हैं. यह शासन नहीं है, यह सेंसरशिप है. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी Government को विपक्ष, मीडिया, कार्यकर्ताओं या नागरिकों को सिर्फ इसलिए चुप कराने का अधिकार नहीं है क्योंकि उनके सवाल “Political रूप से असुविधाजनक” हैं.
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एमएस/