पश्चिम बंगाल में नई औद्योगिक नीति से जगी उम्मीद, आसनसोल में बंद फैक्ट्रियों के बाहर जश्न

आसनसोल, 5 नवंबर . पश्चिम बंगाल में उद्योगों को बढ़ावा देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति की घोषणा से पहले आसनसोल में उत्साह का माहौल देखने को मिला. औद्योगिक क्षेत्र में लोग बंद पड़ी फैक्ट्रियों के गेट के बाहर इकट्ठा हुए और जश्न मनाया. लोगों ने लड्डू बांटे, एक-दूसरे को बधाई दी और उम्मीद जताई कि इस पहल से राज्य में उद्योगों में नई जान आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थिति खराब रही है. नई नीति से उन्हें उम्मीद है कि बंद पड़े कारखाने फिर से खुलेंगे और युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलेगा. आसनसोल जैसे औद्योगिक शहर में इस घोषणा को लेकर खास उत्साह देखा गया क्योंकि यहां कई कारखाने लंबे समय से बंद पड़े हैं.
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता नीरज चंद्र दास ने कहा कि कोलकाता में औद्योगिक नीति को लेकर बैठक हो रही है और उसी खुशी में यहां के सभी लोग इकट्ठा हुए हैं. उनकी आशा है कि अब बंगाल में कारखाने खुलेंगे और नगरवासियों को रोजगार मिलेगा.
नीरज चंद्र दास ने कहा कि पिछले पंद्रह साल तक तृणमूल कांग्रेस की Government रही और उससे पहले पैंतीस साल तक वामपंथी Government रही लेकिन इस दौरान उद्योगों को लेकर न कोई गंभीर चर्चा हुई, न खोलने का कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही कोई आवाज उठाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा Political माहौल बना दिया गया था कि कोई भी उद्योगपति यहां आना नहीं चाहता था.
उन्होंने कहा कि अब केंद्र में Prime Minister Narendra Modi की Government है और राज्य में भी भाजपा Government है. Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के प्रयासों से लोगों के चेहरों पर खुशी लौटी है. अब पूरा बंगाल आशावादी है कि कारखाने फिर से खुलेंगे.
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता प्रदीप बावरी ने कहा कि लोगों की यह खुशी सिर्फ जश्न नहीं है बल्कि पीढ़ियों की उम्मीद का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि कम से कम पचास साल से पश्चिम बंगाल को जैसे एक पिंजरे में बंद करके रख दिया गया था. उद्योगों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई और किस तरह उद्योग लगाए जाएं, इस पर कोई गंभीर विचार नहीं हुआ.
प्रदीप बावरी ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की Government आई और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की Government बनी, तब डबल इंजन की Government का गठन हुआ. डबल इंजन की Government आने के बाद देखा जा रहा है कि जितने भी निवेशक और उद्योगपति हैं, वे सभी पश्चिम बंगाल की ओर आ रहे हैं.
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