पश्चिम बंगाल में जनगणना-2027 के कर्मचारियों के मानदेय के लिए 197.20 करोड़ रुपये मंजूर

कोलकाता, 7 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल Government ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण में शामिल होने वाले राज्य Government के कर्मचारियों के मानदेय के लिए करीब 197.20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. अधिकारियों ने Wednesday को यह जानकारी दी.

राज्य सचिवालय नबन्ना के सूत्रों के मुताबिक, यह राशि राज्य के 22 जिलों और सात नगर निगमों के लिए आवंटित की गई है. संबंधित जिलों और नगर निगमों के मुख्य जनगणना अधिकारियों के बैंक खातों में यह राशि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाएगी, जिसके बाद कर्मचारियों को इसका भुगतान किया जाएगा.

राज्य Government के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की जनगणना शाखा की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत जिलों और नगर निगमों के संबंधित मुख्य जनगणना अधिकारियों के बैंक खातों में राशि जमा की जाएगी.

अधिकारियों के अनुसार, इस आवंटन के तहत जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले राज्य Government के कर्मचारियों और Governmentी स्कूलों के शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा. ये कर्मचारी और शिक्षक अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ जनगणना का काम भी करेंगे. मानदेय की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी.

पश्चिम बंगाल में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है. पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और आवास संबंधी जनगणना का काम पूरा हो चुका है. वहीं, दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना और जाति आधारित गणना की जाएगी. यह चरण फरवरी 2027 में शुरू होने वाला है.

राज्य Government के अधिकारी ने कहा कि दूसरे चरण में जनसंख्या और जाति आधारित गणना की जाएगी. इस काम में विभिन्न Governmentी स्कूलों के शिक्षक और राज्य Government के कर्मचारी लगाए गए हैं. उन्हें अपनी नियमित ड्यूटी के साथ जनगणना संबंधी जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी. इसी वजह से उन्हें मानदेय का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा.

इससे पहले जनगणना कार्य में शिक्षकों की तैनाती को लेकर मामला कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंचा था. शिक्षकों के एक वर्ग ने राज्य Government के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें सप्ताहांत और छुट्टियों के दिन भी जनगणना का काम करने को कहा गया था.

लंबी सुनवाई के बाद राज्य Government ने अपना संबंधित नोटिफिकेशन वापस ले लिया था. साथ ही अदालत के निर्देश को स्वीकार करते हुए यह माना गया कि जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को इस जिम्मेदारी की अवधि के दौरान ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा.

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डीएससी

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