पल्लवी जोशी को ‘विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ कहे जाने पर भड़के निर्देशक, पूछा-ये कैसी पत्रकारिता है

Mumbai , 17 सितंबर . फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने पत्नी और एक्ट्रेस पल्लवी जोशी को लेकर छपी एक खबर पर नाराजगी जताई है. दरअसल, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के नए बोर्ड में पल्लवी जोशी समेत कई फिल्मी सितारों की नियुक्ति को लेकर एक खबर प्रकाशित की गई थी. खबर में पल्लवी जोशी के बारे में उनकी फिल्मी उपलब्धियों के साथ यह भी लिखा गया कि वह फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की पत्नी हैं. इसी बात पर विवेक अग्निहोत्री ने social media पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि आखिर दशकों से अपनी अलग पहचान रखने वाली एक महिला को उसके पति के नाम से क्यों पहचाना जाना चाहिए.

केंद्र Government ने Wednesday को सीबीएफसी के नए 18 सदस्यीय बोर्ड का गठन किया है. इस बोर्ड में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, रूपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और सुनील शेट्टी समेत कई जाने-माने नाम शामिल किए गए हैं. नए बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा. इसी नियुक्ति को लेकर प्रकाशित खबर में पल्लवी जोशी का परिचय देते हुए उन्हें विवेक अग्निहोत्री की पत्नी और ‘द कश्मीर फाइल्स’ की कलाकार एवं निर्माता के तौर पर बताया गया था.

खबर में पल्लवी जोशी के पति के रूप में विवेक अग्निहोत्री का नाम इस्तेमाल किए जाने पर निर्देशक ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने संबंधित पोस्ट को शेयर करते हुए सवाल किया कि यह किस तरह की पत्रकारिता है, जिसमें एक महिला की पहचान उसके अपने काम के बजाय उसके पति से तय की जाती है. इस तरह की खबर को उन्होंने ‘महिला विरोधी’ और ‘पितृसत्तात्मक’ बताया.

विवेक अग्निहोत्री ने खबर का लिंक शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, ”यह किस तरह की, तीसरे दर्जे की, दुर्भावनापूर्ण और महिला-विरोधी पत्रकारिता है? पल्लवी जोशी चार बार की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता Actress हैं. उन्होंने चार साल की उम्र में अभिनय शुरू कर दिया था. वह उस दौर में India के सबसे जाने-माने टीवी कलाकारों में शामिल हो चुकी थीं, जब इस लेख को लिखने वाले कई पत्रकारों का जन्म भी नहीं हुआ था. जब पल्लवी ने भारतीय नौसेना की महिलाओं पर केंद्रित ऐतिहासिक धारावाहिक ‘आरोहण’ का निर्माण किया था, तब मुझे प्रोडक्शन का ‘प’ भी नहीं पता था. उन्होंने अपने काम के जरिए जितना महत्वपूर्ण सिनेमा रचा और निर्मित किया है, उतना शायद आपकी तमाम रिपोर्टें मिलकर भी नहीं कर पाएंगी.”

विवेक ने आगे कहा, ”इन सबके बावजूद जब आप एक सफल और आत्मनिर्भर महिला के बारे में लिखते हैं, तो आप उनका परिचय मुख्य रूप से ‘फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ के रूप में कराना चुनते हैं. क्यों?… क्योंकि शायद अब भी आपको लगता है कि किसी महिला की अपनी उपलब्धियां उसकी पहचान तय करने के लिए काफी नहीं हैं. यही पितृसत्ता का असली तरीका है. दशकों की अपनी स्वतंत्र उपलब्धियों वाली महिला की पहचान को उस पुरुष तक सीमित कर देना, जिससे उसकी शादी हुई है.”

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ”पल्लवी जोशी ने अपनी पहचान किसी से उधार नहीं ली. उन्होंने चार दशकों के अभिनय, टेलीविजन, सिनेमा, निर्माण और अपने असाधारण काम के जरिए अपनी पहचान खुद बनाई है. उन्हें कभी औसत दर्जे से समझौता करने, किसी प्रभावशाली उपनाम के हिसाब से खुद को ढालने या पति के जरिए मान्यता हासिल करने की जरूरत नहीं पड़ी. यदि आप एक सफल, स्वतंत्र महिला को उसके अपने दम पर स्वीकार नहीं कर सकते और उसे उसके पति के जरिए ही परिभाषित करने को मजबूर महसूस करते हैं तो शायद समस्या पल्लवी जोशी में नहीं है. समस्या आपकी अपनी गहरी पितृसत्तात्मक सोच में है.”

विवेक ने कहा, ”मुझे सचमुच हैरानी है कि कुछ वेबसाइट चंद अतिरिक्त व्यूज के लिए ऐसी हेडलाइन को बढ़ावा दे रही हैं, उसका बचाव कर रही हैं या उसकी अनुमति दे रही हैं. महिला सशक्तीकरण की बात तभी पूरी मानी जा सकती है, जब अलग-अलग महिलाओं के मामले में भी एक जैसा नजरिया रखा जाए.”

विवेक ने हेडलाइन का भी सुझाव दिया और लिखा, ”हेडलाइन ऐसी भी हो सकती थी- ”पल्लवी जोशी- तीन बार की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता Actress, जिन्होंने श्याम बेनेगल की ‘द मेकिंग ऑफ द महात्मा’ में कस्तूरबा की भूमिका निभाई, सबसे सफल शोज के साथ भारतीय टेलीविजन में क्रांति ला दी, ‘द कश्मीर फाइल्स’ में यादगार नकारात्मक किरदार निभाया, मानवाधिकारों की आवाज उठाई, सार्थक सिनेमा का निर्माण किया और दो बच्चों की मां हैं, फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री की पत्नी भी हैं.’ फर्क दिखा? ये हेडलाइन बताती है कि वह कौन हैं. दूसरी हेडलाइन बताती है कि वह किसकी पत्नी हैं. यह फर्क पत्रकारिता नहीं है. यह पत्रकारिता के मुखौटे में छुपी पितृसत्ता है.”

पीके/वीसी

Leave a Comment