पंजाब: पराली जलाने की 700 से ज्यादा घटनाएं आईं सामने, 24 एफआईआर दर्ज की गई

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर . पंजाब में पराली जलाने की 700 से अधिक घटनाएं सामने आई हैं. इसे लेकर 24 First Information Report दर्ज की गई है. पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पराली जलाए जाने की 700 से ज्यादा घटनाओं को लेकर 24 First Information Report दर्ज की गई हैं.
अधिकारियों की ओर से बताया गया, “पंजाब में धान की कटाई के मौसम के बीच पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए मॉनिटरिंग और कार्रवाई चल रही है.” पीपीसीबी की Tuesday तक की जिलेवार रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में पराली जलाने की कुल 717 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इनमें से, अधिकारियों ने 664 जगहों का निरीक्षण किया और 313 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई.
रिपोर्ट में तरनतारन जिले में सबसे अधिक 318 मामले सामने आए. इस जिले में 299 जगहों का निरीक्षण किया गया और 152 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. रिपोर्ट में बताया गया, “152 मामलों में एनवायरनमेंटल कंपनसेशन लगाया गया; कुल 7.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 2.65 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं. इसके अलावा, 64 केस दर्ज किए गए और 152 खेतों के खिलाफ ‘रेड एंट्री’ (ऑफिशियल खराब रिकॉर्ड) की गईं.”
अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर में 154 घटनाएं दर्ज की गईं, और 150 जगहों पर जांच के बाद, 75 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. रिपोर्ट में बताया गया कि 70 मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, जिससे कुल 3.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 2.85 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं. इसमें दिखाया गया, “इस जिले में 24 First Information Report दर्ज की गईं, और 57 रेड एंट्री की गईं; इसके अलावा, 186 चेतावनी नोटिस जारी किए गए.”
इसके अलावा, फिरोजपुर में 42 घटनाएं, गुरदासपुर में 47 और कपूरथला में 46 घटनाएं दर्ज की गईं. रिपोर्ट के मुताबिक, “फिरोजपुर में 20 जगहों, गुरदासपुर में 17 और कपूरथला में 15 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई.”
इस बीच, धान की कटाई का मौसम चल रहा है और पराली जलाने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, इसलिए पूरे पंजाब के किसानों के पास अब फसल के बचे हुए हिस्से को जलाने के बजाय उनके मैनेजमेंट के लिए प्रैक्टिकल समाधान खोजने के लिए एक खास हेल्पलाइन है.
क्लीन एयर पंजाब, एयरकेयर सेंटर और सांझ पंजाब से जुड़ी एक पहल, सांझा मित्तर किसान सहायता केंद्र ने एक टेलीफोन हेल्पलाइन +91 79737 27514 शुरू की है, जो सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी.
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एसडी/पीएम


