2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए दिया इस्तीफाः एल. मुरुगन

चेन्नई, 29 अक्टूबर . पूर्व Union Minister और भाजपा नेता एल. मुरुगन ने Thursday को कहा कि 13 अक्टूबर को राज्यसभा और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से उनके इस्तीफे का मकसद 2029 के Lok Sabha चुनावों से पहले तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना था.
मीडिया को जारी बयान में मुरुगन ने कहा कि उन्होंने Prime Minister Narendra Modi की मंजूरी और आशीर्वाद मिलने के बाद इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को सभी स्तरों पर प्रशिक्षित और मजबूत करना और पूरे तमिलनाडु में भाजपा की संगठनात्मक उपस्थिति का विस्तार करना है.
मुरुगन ने कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. इसके लिए वे राज्य भर के गांवों का दौरा करेंगे, लोगों से मिलेंगे और पार्टी की पहुंच को मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास केंद्र Government की योजनाओं, नीतियों और तमिलनाडु के लिए मिलने वाली फंडिंग के बारे में जनता को जानकारी देने पर भी केंद्रित होगा.
अपने इस्तीफे को लेकर लगाए गए मानहानिपूर्ण और Political रूप से प्रेरित आरोपों की निंदा करते हुए मुरुगन ने कहा कि ये दावे निराधार और मनगढ़ंत हैं. इनका मकसद उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना और जनता के बीच भ्रम पैदा करना है.
उन्होंने मीडिया संगठनों, social media पेज एडमिनिस्ट्रेटर्स और कंटेंट क्रिएटर्स सहित जिम्मेदार लोगों से कहा है कि वे इस मानहानिपूर्ण सामग्री को हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अपने Political सफर को याद करते हुए मुरुगन ने बताया कि वह कोनूर गांव के एक गरीब परिवार से आते हैं, जहां उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी और पशुपालन करके अपना गुजारा करते थे. उन्होंने कहा कि दो बार राज्यसभा के लिए चुना जाना और दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में काम करने का मौका मिलना, Prime Minister और भाजपा नेतृत्व द्वारा उन पर जताए गए भरोसे को दर्शाता है.
उन्होंने ‘राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग’ के उपाध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल को भी याद किया. उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति समुदायों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करने और ऐसी घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया.
मुरुगन ने कहा कि केंद्र Government में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें तमिलनाडु के प्रति Prime Minister मोदी की चिंता को करीब से देखने का मौका मिला. उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर चेन्नई मेट्रो, थूथुकुडी बंदरगाह, राजमार्गों से जुड़ी परियोजनाओं और ‘अमृत India स्टेशन योजना’ के तहत 26 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का जिक्र किया.
उन्होंने पोंगल समारोह के लिए New Delhi स्थित अपने आवास पर Prime Minister के आने और तमिल भाषा, संस्कृति तथा सभ्यता के प्रति Prime Minister की सराहना को भी याद किया.
इस बात को दोहराते हुए कि उनके इस्तीफे का एकमात्र उद्देश्य तमिलनाडु में भाजपा संगठन को मजबूत करना था. मुरुगन ने कहा कि वह अपना समय और ऊर्जा पार्टी को 2029 के Lok Sabha चुनावों के लिए तैयार करने में लगाएंगे और Prime Minister के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संदेश को लोगों तक पहुंचाएंगे.
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