नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने देवी की महिमा का एक यूट्यूब लिंक साझा किया, स्कंदमाता से की मंगलकामना

New Delhi, 15 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi की ओर से Thursday को स्कंदमाता को नमन करते हुए social media प्लेटफॉर्म एक्स पर माता की स्तुति का एक यूट्यूब लिंक साझा किया.
Prime Minister ने social media पोस्ट में लिखा, “नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता के पूजन-अर्चन को समर्पित है. ममता और वात्सल्य की देवी मां के आशीर्वाद से हर परिवार में सदैव स्नेह और सौहार्द बना रहे, यही कामना है.”
पीएम की ओर से social media पर बालचंद्र प्रभु द्वारा गाए गए भजन ‘विजया दुर्गा’ को शेयर किया गया. इस भजन में बालचंद्र प्रभु देवी दुर्गा की महिमा का बखान कर रहे हैं. इस भजन में दुष्टों के संहार का देवी दुर्गा की महिमा का गान किया जा रहा है.
इससे पहले देवी की स्तुति करते हुए Prime Minister ने सुभाषित साझा किया. social media पर उन्होंने संस्कृत श्लोक, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.” साझा किया था, जिसका हिंदी भावार्थ है कि जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार है.
Thursday को नवरात्रि का पांचवां दिन है, इस दिन स्कंदमाता की आराधना की जाती है. देवी को भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है. मां का वाहन शेर है. देवी स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है. मां की चार भुजाएं हैं. गोद में भगवान स्कंद (बाल रूप में कार्तिकेय) बैठे होते हैं. मां के दो हाथों में कमल का पुष्प है, एक हाथ में वरमुद्रा या अभयमुद्रा है.
स्कंदमाता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है. भोग में केले का प्रसाद और पीले फूल अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं. स्कंदमाता देवी की आराधना से विशुद्ध चक्र जाग्रत होता है. स्कंदमाता देवी की उपासना करने से सुख, शांति, संतान सुख, और मोक्ष की प्राप्ति होती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की पत्नी के रूप में देवी ने कार्तिकेय को जन्म दिया था. कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है, इसलिए देवी को स्कंदमाता कहा जाता है.
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एसडी/पीएम


